वेस्ट इंडीज़ को दूसरे टेस्ट से पहले झटका

केमार रोच, किरोन पोलार्ड

वेस्ट इंडीज़ को दूसरे टेस्ट मैच और वनडे सिरीज़ के शुरू होने से पहले बड़ा झटका लगा है. उसके तेज़ गेंदबाज़ केमार रोच कंधे की चोट के कारण दूसरे टेस्ट मैच और वनडे सिरीज़ से बाहर हो गए हैं.

उनके अलावा ऑलराउंडर किरोन पोलार्ड भी वनडे सिरीज़ में नहीं खेल पाएंगे. कीमर रोच की जगह दूसरे तेज़ गेंदबाज़ शेनोन गैब्रियल को टेस्ट मैच के लिए वेस्ट इंडीज़ से बुलाया जा रहा है.

वेस्ट इंडीज़ की टीम भारत में 21 नवंबर से तीन वनडे मैचों की सिरीज़ खेलेगी उसके अधिकतर सदस्य वही हैं जो फिलहाल भारत में टेस्ट मैच खेल रहे हैं.

कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच को महज़ तीन दिन में ही एक पारी और 51 रनों से हारने वाली वेस्ट इंडीज़ की टीम अब गुरुवार से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच की तैयारी में जुटी है.

क्या गेंदबाज खतरे में हैं?

वेस्ट इंडीज़ की टीम में वीरासामी पेरमल, कीरेन पावेल और नरसिंह देवनारायण की वापसी हुई है. कप्तान ड्वेन ब्रावो, क्रिस गेल, डेरेन सैमी, सैमुअल्स, टिनो बेस्ट, डेरेन ब्रावो, सुनील नारायण, जॉनसन चार्ल्स, दिनेश रामदीन, रवि रामपॉल, लेंडल सिमंस, जैसन होल्डर भी 15 सदस्यीय टीम में शामिल हैं.

निराशाजनक बल्लेबाज़ी

वेस्ट इंडीज़ की टीम भारत में पहला वनडे मैच 21 नवंबर को कोच्ची में, दूसरा वनडे 24 नवंबर को विशाखापत्तनम में और तीसरा और आखिरी वनडे 27 नवंबर को कानपुर में खेलेगी.

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भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह केमर रोच की चोट को लेकर कहते हैं, "यह तो पहले भी माना जा रहा था कि वह शायद ही दूसरा टेस्ट मैच खेल सकें. उन्हें लेकर वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड ने एक मौका लिया था कि अगर वह वनडे सिरीज़ तक फिट हो जाते है तो फिर उनकी गेंदबाज़ी मज़बूत हो सकती है. ये वेस्ट इंडीज़ के लिए एक बड़ा झटका है."

वही किरोन पोलार्ड के वनडे सिरीज़ से बाहर होने को भी मनिंदर सिंह वेस्ट इंडीज़ के लिए अच्छी ख़बर नहीं मानते.

मनिंदर का मानना है, "पोलार्ड जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी मौजूदगी से ही दोनो टीमों में अंतर पैदा कर देते है. वह एक शानदार ऑलराउंडर हैं. इसके बावजूद वनडे क्रिकेट या फिर ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट में क्रिस गेल जैसा खिलाड़ी अपने अकेले दम पर मैच का नक्शा बदल देता है."

अश्विन नंबर एक

वहीं भारत के आर अश्विन के टेस्ट मैचों की आईसीसी की टेस्ट रैंकिग में नंबर एक ऑलराउंडर बनने को लेकर मनिंदर सिंह कहते हैं, "अश्विन को उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला है. अब देखना है कि क्या अश्विन का ऐसा ही प्रदर्शन विदेशी दौरों पर भी रहेगा."

क्या सचिन से बेहतर हैं विराट?

मनिंदर कहते हैं, "क्योंकि हमें याद है कि जब भारत इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से लगातार चार-चार टेस्ट मैच हारा था तब ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला के बाद अश्विन ने कहा था कि उनका काम रन रोकना था."

मनिंदर सिंह कहते हैं, "वह अपना आक्रामक रूख विदेशों में भी दिखाएं और केवल रन नहीं रोके, विकेट भी लेकर दिखाएं. अच्छी बल्लेबाज़ी उनका बोनस प्वाइंट है लेकिन उनका मुख्य काम विकेट लेना है."

अश्विन को मनिंदर सिंह सलाह देते हैं कि "उन्हें अपनी गेंदबाज़ी की दिशा में थोड़ा सुधार करना होगा और अपनी गेंदों को ऑफ स्टम्प के बाहर या आसपास रखना होगा."

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