आख़िरी टेस्ट में कैसा रहेगा सचिन का प्रदर्शन?

सचिन तेंदुलकर

दुनिया के महानतम बल्लेबाज़ों में से एक सचिन रमेश तेंदुलकर मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अपना आख़िरी टेस्ट खेलने के लिए गुरूवार को जब मैदान में उतरेंगे तो सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि वह दोनों पारियों में कितने रन बनाते हैं.

सचिन को 'क्रिकेट का भगवान' कहा जाता है और उनके क्रिकेट भक्तों की पूरी दुनिया में कोई कमी नहीं है. सचिन की तुलना अक्सर वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिग से की जाती रही.

सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में इतने रिकॉर्ड बनाए हैं कि एक बार तो यह भी कहा जाता था कि उनके रिकॉर्ड कौन तोड़ेगा-पोंटिग या लारा.

लेकिन इन दोनों बल्लेबाज़ों ने सचिन से पहले ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

वैसे सचिन के लिए सबसे बड़े सम्मान का पल उस समय आया जब क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज़ माने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने कहा कि सचिन उसी स्टाइल या शैली में बल्लेबाज़ी करते है जैसे वह करते थे.

प्रदर्शन

Image caption गावस्कर ने अपने आख़िरी टेस्ट में 21 और 96 रन बनाए थे.

अब कुछ ऐसे बल्लेबाज़ों की बात की जाए जिन्होंने पूरी दुनिया में नाम कमाया लेकिन आख़िरी टेस्ट में उनका प्रदर्शन कैसा रहा.

अगर ब्रैडमैन की बात की जाए तो उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ओवल में खेला था. उन्हें 100 का अद्भुत औसत पाने के लिए मात्र चार रन की ज़रूरत थी.

इंग्लैंड की पहली पारी केवल 52 रनों पर सिमट गई. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 389 रन बनाए लेकिन ब्रैडमैन जब तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए.

ब्रैडमैन लेग स्पिनर एरिक होलीस की दूसरी ही गेंद पर बोल्ड हो गए और अपना खाता भी नहीं खोल सके. वैसे उस मैच में कुल मिलाकर नौ बल्लेबाज़ शून्य पर आउट हुए थे.

आज सचिन के नाम टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक हैं. लेकिन कभी डॉन ब्रेडमैन के 29 शतकों का रिकॉर्ड तोडने वाले भारत के महान सलामी बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने अपने अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बंगलौर में पहली पारी में 21 और दूसरी पारी में 96 रन बनाए थे.

आख़िरी पारी

भारत वह मैच 16 रन से हार गया था लेकिन गावस्कर की उस पारी को क्रिकेट समीक्षक आज भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी का नमूना मानते हैं.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान पोंटिग ने अपने आख़िरी टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में पहली पारी में चार और दूसरी पारी में आठ रन बनाए.

'दीवार' के नाम से मशहूर और भारत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ो में से एक राहुल द्रविड ने अपने आख़िरी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में पहली पारी में एक और दूसरी पारी में 25 रन बनाए.

वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज़ लारा ने सचिन के कहा है कि वह अपने अंतिम टेस्ट में बेफ़िक़्र होकर बल्लेबाज़ी करें और 400 रन बनाने की कोशिश करें.

अब यह बात अलग है कि 400 रनों का जादुई आंकडा सिर्फ लारा के नाम है लेकिन अपने अंतिम टेस्ट मैच में वह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कराची में पहली पारी में शून्य और दूसरी पारी में 49 रन बनाकर आउट हुए.

एशिया का ब्रैडमैन

Image caption मोहम्मद अजहरूद्दीन ने अपने आख़िरी टेस्ट में शतक बनाया था.

वेस्टइंडीज़ के एक और महान बल्लेबाज़ सर विवियन रिचर्ड्स अपने आख़िरी टेस्ट में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ओवल में पहली पारी में दो और दूसरी पारी में 60 रन बनाकर आउट हुए.

कभी एशिया का ब्रैडमैन कहे जाने वाले पाकिस्तान के ज़हीर अब्बास ने अपना आख़िरी टेस्ट श्रीलंका के ख़िलाफ़ सियालकोट में खेला और पहली पारी में चार रन बना सके.

पाकिस्तान के एक और महान बल्लेबाज़ जावेद मियांदाद ने अपने आख़िरी टेस्ट मैच में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ लाहौर में 31 रन बनाए.

कभी भारत के लिए सकंटमोचक कहे जाने वाले गुंडप्पा विश्वनाथ अपने आख़िरी टेस्ट मैच में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कराची में 10 रन ही बना सके.

वैसे क्रिकेट के मैदान में अपने पहले और आ़खिरी टेस्ट मैच में शतक बनाने वाले खिलाडी भी है.

आख़िरी टेस्ट में शतक

इनमें ऑस्ट्रेलिया के आर ए डफ ने अपने पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 32 और 104 और आख़िरी टेस्ट मैच में इंग्लैंड के ही खिलाफ 146 रन बनाए.

कुछ ऐसा ही कारनामा ऑस्ट्रेलिया के दो और बल्लेबाज़ों डब्लयू एच पोंसफोर्ड और ग्रेग चैपल ने किया. पोंसफोर्ड ने तो आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में 266 रन बनाए.

इनके अलावा भारत के मोहम्मद अज़हरूद्दीन ने भी इंग्लैड के ख़िलाफ़ अपने पहले और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ अपने आख़िरी टेस्ट में शतक जमाए.

अब रिकॉर्डों के बादशाह सचिन के बल्ले से मुंबई में कितने रन निकलते है इसका सबको इंतज़ार है.

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