सचिन के साथ ही होगी मैच के नतीजे पर नज़र

सचिन तेंदुलकर
Image caption सचिन तेंदुलकर के लिए क्रिकेट से दूर रहना आसान नहीं होगा

भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच गुरुवार से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर की विदाई टेस्ट सीरीज़ का दूसरा और आख़िरी टेस्ट मैच खेला जाएगा. भावनात्मक रूप में इस टेस्ट मैच का दूसरे मैचों से कोई मुक़ाबला नही है, क्योंकि ये सचिन के टैस्ट करियर का 200वां और आख़िरी टेस्ट मैच है.

इससे पहले, कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच को भारत ने तीसरे ही दिन एक पारी और 51 रनों से अपने नाम कर लिया था. मुंबई में वेस्टइंडीज़ की टीम कितना पलटवार करने की कोशिश करेगी, यह तो बाद में पता चलेगा.

लेकिन जिस टीम में क्रिस गेल जैसा धुंआधार बल्लेबाज़ हो और साथ ही डेरेन ब्रावो, मर्लोन सैमुअल्स और शिवनारायण चंद्रपाल भी हों, उस टीम का कोलकाता में पहली पारी में केवल 78 और दूसरी पारी पारी में महज़ 54.1 ओवर में ही आल-आउट होना बताता है कि इन दिनों टेस्ट मैच किस दिशा में जा रहे हैं.

पहले विकेट पर टिको

शिवनारायण चंद्रपॉल को तो फिर भी दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि उन्होंने दोनों पारियों में संघर्ष क्षमता दिखाई. दूसरी पारी में तो वो नाबाद भी रहे. क्या ट्वेंटी-ट्वेंटी का असर इतना अधिक खिलाड़ियों के सिर चढ़कर बोल रहा है कि वो टेस्ट क्रिकेट का पहला नियम ही भूल गए हैं कि पहले विकेट पर टिको, रन अपने आप बनेंगे.

ऐसा भी नहीं है कि भारतीय बल्लेबाज़ों ने कोलकाता में कोई ग़लती नहीं की. एक समय भारत के भी 5 विकेट केवल 83 रनों पर गिर चुके थे और ऐसे में अपना पहला टैस्ट मैच खेल रहे रोहित शर्मा ने 177 और आर. अश्विन ने अपने टैस्ट करियर का दूसरा शतक बनाते हुए 124 रन बनाए.

यहां तक कि इन दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 280 रनों की साझेदारी हुई जो एक नया भारतीय रिकार्ड है.

उल्लेखनीय है कि अश्विन ने अपने टैस्ट करियर का पहला शतक भी वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ ही जमाया था. अश्विन ने साल 2011 में मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध तीसरे और आख़िरी टेस्ट मैच की पहली पारी में 103 रन बनाए थे.

पीछा कर रहे हैं चंद्रपॉल

Image caption चंद्रपॉल बेहद ख़ामोशी से वेस्टइंडीज़ की क्रिकेट में अपना योगदान देते रहे हैं

इधर वानखेड़े स्टेडियम में भारत के सचिन अपना 200वां और आख़िरी टेस्ट मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेंगे तो उधर वेस्टइंडीज़ के शिवनारायण चंद्रपॉल भी अपना 150वां टैस्ट मैच खेलेंगे. चंद्रपॉल अभी तक 149 टैस्ट मैचों में 28 शतक की मदद से 10,897 रन बना चुके है.

इनके अलावा वेस्टइंडीज़ के तूफ़ानी बल्लेबाज़ क्रिस गेल भी अपना 99वां टैस्ट मैच खेलने के लिए वानखेड़े में उतरेंगे. सचिन तेंदुलकर अपने टैस्ट करियर में 11वीं बार वानखेड़े में उतरेंगे. वानखेड़े में सचिन ने 10 टेस्ट मैचों में एक शतक की मदद से 847 रन बनाए हैं.

सचिन के बल्ले से आख़िरी टैस्ट शतक उनके 177वें टेस्ट मैच में केपटाउन में निकला जब उन्होंने साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट मैच में 146 रन बनाए.

सचिन के बल्ले से अभी तक 199 टैस्ट मैच में 51 शतकों की मदद से 15,847 रन निकले हैं. उनका सर्वाधिक स्कोर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिडनी में बनाए गए नाबाद 241 रन हैं

सर्वाधिक टेस्ट शतक, सर्वाधिक टेस्ट रन, सर्वाधिक टेस्ट मैच और सर्वाधिक टेस्ट शतकों के बादशाह सचिन तेंदुलकर वानखेड़े में चाहे बल्लेबाज़ी करे या फिर फील्डिंग या कुछ ओवर की गेंदबाज़ी, सबकी नज़रें उन पर ही रहेगी. अब देखना है कि सचिन की चर्चा के बीच मैच का परिणाम क्या रहता है.

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