भारत डरबन टेस्ट और श्रृंखला हारा

ज़्याक कालिस

भारत का दक्षिण अफ़्रीका में जाकर टेस्ट सिरीज़ जीतने का सपना एक बार फिर पूरा नहीं हो सका जबकि डरबन में उसे 10 विकेट से हार का मुँह देखना पड़ा.

डेल स्टेन की घातक गेंदबाज़ी ने भारत को डरबन टेस्ट में जो झटके दिए उनसे भारतीय टीम उबर नहीं पाई और ज़्याक कालिस के अंतिम टेस्ट में मेज़बान टीम ने जीत दर्ज की.

भारत की पूरी टीम दूसरी पारी में 223 रनों पर सिमट गई थी. इसके जवाब में दक्षिण अफ़्रीकी सलामी बल्लेबाज़ों ने अपनी टीम के किसी और बल्लेबाज़ को पिच तक आने की परेशानी दिए बिना 59 रन बनाकर जीत हासिल कर ली.

ग्रैम स्मिथ 27 और अल्वीरो पीटरसन 31 रन बनाकर नॉट आउट रहे.

भारत ने मैच के अंतिम दिन 68 रनों पर दो विकेट के स्कोर से आगे बल्लेबाज़ी शुरू की तो स्टेन ने दिन की पहली ही गेंद पर विराट कोहली को आउट कर दिया. हालाँकि अंपायर रॉड टकर का वो विवादास्पद फ़ैसला था क्योंकि रीप्ले में लगा कि गेंद कोहली के हाथ के ऊपरी हिस्से से लगकर विकेट के पीछे ए बी डि विलियर्स तक पहुँची थी.

इसके बाद एक बेहतरीन गेंद पर चेतेश्वर पुजारा तीसरे ओवर में बोल्ड हो गए. उन्हें स्टेन ने ही बोल्ड किया. इस तरह भारत के लिए मैच बचाने की दो बड़ी उम्मीदें बेहद जल्दी बुझ गईं और फिर अजिंक्य रहाणे के जुझारू 96 रन भी भारत के लिए ये मैच नहीं बचा सके.

कोहली ने 11 और पुजारा ने 32 रन बनाए थे.

कमज़ोर भारतीय पारी

वर्नान फ़िलैंडर ने रोहित शर्मा को 25 के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट किया और फिर स्पिनर रॉबिन पीटरसन ने एक के बाद एक करके महेंद्र सिंह धोनी, रवींद्र जडेजा और ज़हीर ख़ान को पवेलियन की राह दिखा दी.

भारत की पूरी पारी में संघर्ष सिर्फ़ रहाणे ने किया और उस तरह का संघर्ष अगर कप्तान धोनी या फिर जडेजा ने दिखाया होता तो भारत हार टालने की शायद गंभीर कोशिश कर सकता था. रहाणे ने 96 रनों की पारी 219 मिनट तक क्रीज़ पर रहकर पूरी की और इस दौरान उन्होंने 157 गेंदों का सामना किया.

रहाणे फ़िलैंडर की गेंद पर बोल्ड हुए और शतक से चार रन दूर रहने के बावजूद दक्षिण अफ़्रीकी खिलाड़ियों ने उनकी जुझारू पारी के लिए उनसे हाथ मिलाकर बधाई दी.

धोनी ने 15 रन बनाए जबकि जडेजा एक बार फिर विफल रहे और एक ऊँचा शॉट खेलने के चक्कर में सिर्फ़ आठ रन बनाकर कैच हो गए. जडेजा पहली पारी में बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे.

पहली पारी में छह विकेट लेने वाले स्टेन ने दूसरी पारी में भी भारतीय खिलाड़ियों को काफ़ी परेशान किया. उन्होंने कुल तीन विकेट लिए.

भारत की पहली पारी में 334 रनों के जवाब में दक्षिण अफ़्रीका ने पहली पारी में 500 रन बनाए थे.

श्रृंखला का पहला मैच जोहानेसबर्ग में खेला गया था और वो मैच ड्रॉ रहा था.

कालिस

कालिस ने 18 साल पहले इसी मैदान पर अपने क्रिकेट जीवन की शुरुआत की थी और ये भी एक वजह थी कि दक्षिण अफ़्रीकी टीम ने ये मैच जीतने के लिए जी-जान लगा दी.

अपने अंतिम टेस्ट के अंतिम दिन से पहले कालिस ने ट्विटर पर लिखा कि ये उनके लिए काफ़ी भावुक अनुभव होगा.

उन्होंने लिखा, "मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट का अंतिम दिन. मेरे परिवार, दोस्तों, टीम के साथियों और प्रशंसकों की वजह से मेरे पास बहुत सी ख़ूबसूरत यादें और कहानियाँ हैं. मुश्किल दिन होगा."

कालिस ने इस टेस्ट के चौथे दिन शतक जड़ा था. उन्होंने टेस्ट करियर का 45वाँ शतक लगाते हुए 115 रन बनाए थे. इस तरह वह टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में भारत के राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर आ गए.

वह सचिन तेंदुलकर के बाद टेस्ट में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ हैं.

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