कपिल को अपना आदर्श मानते हैं ईश्वर

  • 1 जनवरी 2014
ईश्वर पांडे

न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट और वनडे टीमों में चुने गए मध्य प्रदेश के तेज़ गेंदबाज़ ईश्वर पांडे देश के पहले विश्वविजेता कप्तान और महान ऑलराउंडर कपिल देव को अपना आदर्श मानते हैं.

रीवा ज़िले की सिरमौर तहसील के एक छोटे से गांव के रहने वाले ईश्वर के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर हैं. वो अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे लेकिन ईश्वर ने क्रिकेट को अपना करियर चुना.

130 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंद फेंकने वाले ईश्वर ने टीम इंडिया में चुने जाने के बाद कहा, "अंतत: मुझे मौका मिल गया है. मैं इस लम्हे के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था और अंतत: यह लम्हा आ गया."

उन्होंने कहा, "लेकिन अभी जश्न मनाने का समय नहीं है क्योंकि मुझे आगामी चुनौतियों पर ध्यान लगाना है. मुझे कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी और एकाग्र रहना होगा."

15 अगस्त 1989 को जन्मे छह फुट दो इंच लंबे ईश्वर ने अंडर-19 में शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा.

रीवांचल एक्सप्रेस

लेकिन 'रीवांचल एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर ईश्वर उस वक़्त सुर्ख़ियों में आए जब वह 2012-13 रणजी सत्र में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने.

इस दौरान उन्होंने 20.16 के औसत से कुल 48 विकेट लिए. मौजूदा रणजी सत्र में वह आठ मैचों में 30 विकेट झटक चुके हैं.

इंदौर में रेलवे के ख़िलाफ़ मैच में ईश्वर ने 84 रन देकर आठ विकेट झटके थे जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

ईश्वर की ख़ासियत यह है कि वह अपनी लंबाई का फ़ायदा उठाते हुए गुड लेंथ से ऊंचाई लेती हुई गेंद पर बाउंस का अच्छा इस्तेमाल करते हैं.

इंडिया ए की तरफ से खेल चुके ईश्वर ने दक्षिण अफ्रीका के महान गेंदबाज़ एलन डोनाल्ड की देखरेख में अपनी धार तेज़ की है.

ईश्वर का मुख्य हथियार उनकी आउट स्विंग है जिसे उन्होंने इस साल आईपीएल में पुणे वॉरियर्स के साथ खेलने के दौरान डोनाल्ड की देखरेख में तराशा है.

आउटस्विंग गेंदबाज़ी

Image caption ईश्वर पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव को अपना आदर्श मानते हैं.

उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से आउटस्विंग गेंदबाजी करना पसंद है लेकिन पुणे वारियर्स के साथ खेलने के दौरान मैंने इसमें सुधार किया. उन्होंने (डोनाल्ड) मेरी आउट स्विंगर पर काफी काम किया. मैं उनका आभारी हूं."

ईश्वर ने साथ ही ऑस्ट्रेलिया के डेनिल लिली और ग्लेन मैकग्रा के मार्गदर्शन में एमआरएफ़ पेस फाउंडेशन में तेज़ गेंदबाज़ी के गुर सीखे हैं.

उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में भारत-ए की तरफ से दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने चार दिवसीय दो मैचों में कुल 11 विकेट लिए थे और दो वनडे मैचों में पांच विकेट अपनी झोली में डाले थे.

दक्षिण अफ्रीका दौरे के अपने अनुभव को वह न्यूज़ीलैंड में भुनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियां दक्षिण अफ्रीका से मिलती जुलती हैं."

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