क्रिकेट: भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बढ़ा

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने शनिवार को बड़े ढांचागत और प्रशासनिक बदलाव करते हुए क्रिकेट की दुनिया के तीन बड़े देशों भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को खेल और संस्था पर पहले से अधिक नियंत्रण को मंज़ूरी दे दी है.

आईसीसी के एक प्रवक्ता का कहना है कि सिंगापुर में हुई एक बैठक में श्रीलंका और पाकिस्तान के मुखर विरोध के बावजूद इस आशय के प्रस्ताव का आईसीसी के दस में से आठ सदस्यों ने समर्थन किया है.

इन प्रस्तावों में पांच सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन भी शामिल है जिनमें भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए जगह आरक्षित की गई है. यह तीनों देश क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज़्यादा वित्तीय अधिकार रखते हैं.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन इसी वर्ष जुलाई से आईसीसी बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे. इससे आईसीसी में भारत का दबदबा बढ़ जाएगा.

आईसीसी के अध्यक्ष एलन इसाक का कहना है, ''आईसीसी के आठ पूर्णकालिक सदस्यों ने आज इस प्रस्ताव को समर्थन किया और जिन दो सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, वे इस मुद्दे पर और विचार-विमर्श के लिए राज़ी हुए हैं ताकि इस बारे में आगामी हफ्तों में सर्वसहमति बनाई जा सके.''

टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा

प्रस्ताव में टेस्ट क्रिकेट के लिए एक कोष बनाने को भी मंज़ूरी दी गई है.

इसके अलावा, आईसीसी अब वर्ष 2017 और 2021 में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की जगह चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन कराएगा. यह एक ऐसा टूर्नामेंट होगा जिसके लिए शीर्ष सदस्यों सहित आईसीसी का कोई भी सदस्य एक दिवसीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन में सुधार करके क्वालीफाय कर सकेगा.

विश्व क्रिकेट की आय का बड़ा हिस्सा भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्डों से ही आता है.

हालांकि दक्षिण अफ्रीका ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया था लेकिन उसने इसके पक्ष में वोट दिया है.

वेस्टइंडीज़, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और बांग्लादेश ने भी इन बदलावों का समर्थक किया है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक़, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और टेलीविज़न उद्घोषक रमीज़ राजा ने पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो टीवी से कहा है कि पाकिस्तान इस मामले में अपने पत्ते ठीक तरीके से नहीं खेल पाया.

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