एशिया कप में दम दिखाएगी कप्तान कोहली की टीम?

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भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को बांग्लादेश में होने वाले एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए रवाना हो गई. एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट 25 फरवरी से शुरू होगा जबकि इसका फाइनल मुक़ाबला आठ मार्च को खेला जाएगा.

इस टूर्नामेंट में मेज़बान बांग्लादेश के अलावा पांच बार की चैम्पियन भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफग़ानिस्तान की टीमें भाग ले रही हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम की कमान युवा विराट कोहली को सौंपी गई है क्योंकि नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हैं. इससे पहले विराट कोहली ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ अपनी कप्तानी का हुनर दिखाया था और मेज़बान टीम को उसकी ही ज़मीन पर 5-0 से मात दी थी.

(कौन हैं ये 'नन्हें खिलाड़ी?')

महेंद्र सिंह धोनी की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक ने ली है. एशिया कप में भारतीय टीम पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड दौरे में मिली पराजय के बाद आलोचनाओं के दबाव के बीच मैदान में उतरेगी.

एशिया कप का पहला मैच 25 फरवरी को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा. भारत अपने अभियान का आगाज़ 26 फरवरी को मेज़बान बांग्लादेश के ख़िलाफ़ करेगा.

28 फरवरी को भारत का सामना श्रीलंका से होगा. इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और भारत तीन मार्च को आमने-सामने होंगे.

अहम खिलाड़ी

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भारत अपना आखिरी राउंड रॉबिन मैच अफ़ग़ानिस्तान के साथ पांच मार्च को खेलेगा.

वैसे तो महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी को लेकर पिछले दिनों क्रिकेट जानकारों ने जमकर प्रहार किए और उनका मानना था कि क्रिकेट के तीनो प्रारूपों में कप्तानी करने से उन पर दबाव बनता है. इसके बावजूद इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि एकदिवसीय क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद दमदार रहा है.

ख़ासकर मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने कई बार लगभग हारी हुई बाज़ी का रुख मोड़ते हुए भारत को जीत दिलाई है. उनका एकदिवसीय क्रिकेट में 53.28 का दमदार औसत अपने आप में बताता है कि वे टीम के कितने अहम खिलाड़ी है.

(अफरीदी का रिकॉर्ड टूटा)

एक खिलाड़ी के तौर पर उनकी बल्लेबाज़ी का लोहा पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह भी मानते हैं और कहते हैं, "उनकी कमी यक़ीनन खल सकती है. मैच फिनिशर के रूप में उनकी एक विशेष पहचान है लेकिन कभी ना कभी तो उनके विकल्प को भी देखना ही पड़ेगा. दिनेश कार्तिक के पास अब अवसर है कि वह अपनी क्षमता दिखाएं."

मनिंदर कहते हैं, "उन्होंने चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड में खेले गए दोनों अभ्यास मैच में शतक जमाए थे. वे अगर एशिया कप में कामयाब होते हैं तो फिर धोनी के टीम में वापस आने के बाद भी टीम में अपनी जगह बना सकते हैं."

जानी पहचानी पिच

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पिछले दिनों मिली हार के दबाव पर मनिंदर सिंह कहते हैं, "टीम अब शायद निखरकर सामने आएगी. भारतीय टीम को कोच पर अधिक निर्भर नहीं रहना चाहिए, विराट कोहली किस तरह टीम को प्रेरणा देते हैं, इसका इंतज़ार सभी को रहेगा. एक कप्तान के तौर पर अब उनका सामना ज़िम्बाब्वे जैसी कमज़ोर टीम से नहीं मज़बूत टीमों से है."

(भारतीय क्रिकेट का नया भरोसा)

"अगर विराट एशिया कप में कामयाब रहते हैं तो चयनकर्ताओं को धोनी का विकल्प भी मिलेगा." इसके अलावा मनिंदर सिंह भारतीय टीम को चेतावनी के अंदाज़ में कहते हैं कि वह एशिया कप में किसी भी टीम को कमज़ोर ना समझे चाहे वह बांग्लादेश हो.

पाकिस्तान के बारे में मनिंदर सिंह का मानना है कि वह एक ऐसी टीम है जिसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नही कहा जा सकता, अपने दिन पर वह किसी को भी हरा सकती है.

अब देखना है कि विदेशी पिचों का भूत सिर से उतरने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम पिछली हार को भूलकर भारतीय उपमहाद्वीप की जानी पहचानी पिचों पर कैसा खेल दिखाती है जबकि टीम में कोई बड़े बदलाव नहीं हुए है.

शिखर धवन, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, ख़ुद कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद तो की ही जा सकती है.

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