धोनी ने ज़ी न्यूज़ पर ठोका 100 करोड़ का दावा

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Image caption धोनी ने मैच फ़िक्सिंग में नाम घसीटे जाने पर मानहानि के लिए ज़ी न्यूज़ पर 100 करोड़ रुपये का दावा ठोका है.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल फिक्सिंग मामले में अपना नाम घसीटे जाने पर एक हिंदी न्यूज़ चैनल ज़ी टीवी पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस दर्ज किया है.

धोनी ने मद्रास हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी जिसके बाद कोर्ट ने दो सप्ताह के लिए ऐसी किसी भी ख़बर या इंटरव्यू के प्रसारण या प्रकाशन पर रोक लगा दी है, जिसमें धोनी के ख़िलाफ आईपीएल में फिक्सिंग के आरोप लगे हों.

धोनी ने आरोप लगाया कि इन ख़बरों से उनकी छवि को ठेस पहुंची है.

जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन ने कहा, "यह बड़े ताज्जुब की बात है कि धोनी ने मानहानि का दावा सिर्फ़ ज़ी न्यूज़ के ख़िलाफ किया है. वह ख़बर तो दूसरे टीवी चैनलों और अखबारों में भी आई हैं. ऐसे में उन्होंने दूसरे चैनल या जाने-माने अखबारों पर केस क्यों नहीं किया, यह हैरानी वाली बात है."

ज़ी न्यूज़ ही क्यों

धोनी की ओर से किए गए मुकदमे का मीडिया पर असर क्या होगा, इस सवाल पर प्रदीप मैगज़ीन का मानना है कि अब तो केस की सुनवाई होगी. इसके अलावा अब तक जो आरोप धोनी पर लगाए या दिखाए जा रहे थे उसे बंद कर देंगे, लेकिन उस पर बहस तो ज़रूर करेंगे. इसके अलावा धोनी ने क्या किया क्या नही किया यह भी एक केस की शक्ल में सामने आएगी.

सिर्फ़ एक टीवी चैनल को निशाना बनाने को लेकर प्रदीप मैगज़ीन का कहना है कि एक को कोर्ट में ले जाने से दूसरों को संदेश दिया गया है कि आप ऐसा नहीं कर सकते. मामले की तह में जाए बिना या बिना किसी ठोस सबूत के ऐसे ही भारतीय कप्तान पर आरोप नहीं लगाए जा सकते.

मैगज़ीन के अनुसार कोर्ट में जाना उनका अधिकार है लेकिन एक बार फिर यह बात हैरान करती है कि वह केवल एक चैनल के ख़िलाफ़ कोर्ट में क्यों गए.

वह कहते हैं कि क्योंकि इस चैनल ने कई स्टिंग आपरेशन किए हैं जिसमें न सिर्फ़ धोनी बल्कि बोर्ड के बड़े-बड़े अधिकारी भी शामिल हैं. इसलिए हो सकता है कि बोर्ड ने धोनी को कहा हो कि कम से कम इस चैनल का तो मुंह बंद करो. एक को निशाना बनाकर बाकी को चेतावनी दी है कि चुप रहिए.

इसके बावजूद यह सब भारतीय क्रिकेट की छवि के लिए बेहद खराब है जो पहले से ही शक और इस तरह के आरोपों के कारण खराब हो चुकी है.

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