स्पेन: क्या बेआबरू हो कर निकलेंगे कूचे से?

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साल 1998 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फ़्रांस की टीम ने फ़ुटबॉल विश्व कप जीता था लेकिन साल 2002 में घटिया प्रदर्शन करते हुए शुरुआती दौर में ही फ़्रांस की टीम बाहर हो गई.

अब उसी मुहाने पर खड़ी है गत चैंपियन स्पेन की टीम. साल 2010 की विश्व कप विजेता टीम अपना पहला मैच नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ 1-5 से हार गई थी और आज इसका मुक़ाबला है चिली से.

टूर्नामेंट में स्पेन को अपनी उम्मीदें बरक़रार रखनी हैं तो चिली के ख़िलाफ़ असरदार जीत दर्ज करनी होगी.

बाहर होने का ख़तरा

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टूर्नामेंट के शुरु होने तक स्पेन ख़िताब की प्रबल दावेदार थी. पिछले छह सालों से स्पेन ने जैसा प्रदर्शन किया है उसकी बानगी फ़ुटबॉल के इतिहास में कम ही देखने को मिली है.

(मैक्सिको ने ब्राज़ील को रोका)

यूरो कप 2008, विश्व कप 2010 और यूरो कप 2012 जैसे तीन बड़े ख़िताब अपनी झोली में डालने वाली फ़ीफ़ा रैंकिंग में पहले नंबर की टीम स्पेन, 2014 विश्व कप में बाहर होने के कगार पर खड़ी है.

और इसी वजह से बुधवार को होने वाले तीन मैचों में से सबकी निगाहें टिकी होंगी स्पेन और चिली के बीच होने वाले मैच पर. रियो डि जिनेरो में खेला जाने वाला ये मैच भारतीय समयानुसार रात 12.30 बजे खेला जाएगा.

टॉरेस, विया फ़ॉर्म में नहीं

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फ़ुटबॉल विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया के अनुसार स्पेन के मौजूदा फ़ॉर्म को देखते हुए उनके लिए राह बेहद मुश्किल हो गई है.

नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मैच में स्पेन के स्ट्राइकर अपनी क्षमता के हिसाब से बिलकुल नहीं खेल पाए थे.

(मेसी को खरी-खोटी)

फ़र्नांडो टॉरेस फॉर्म में नहीं हैं. साल 2010 विश्व कप में पांच गोल करने वाले स्पेन के हीरो डेविड विया भी अच्छा नहीं खेल पा रहे हैं. डिएगो कोस्ता पूरी तरह से फ़िट नहीं हैं.

आक्रमक चिली

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जबकि दूसरी तरफ़ चिली बड़ी आक्रमक टीम है. उनकी टीम में बार्सिलोना के लिए खेलने वाले एलेक्स सांचेज़ बेहद तेज़ तर्रार खिलाड़ी हैं. उनका गोल करने का औसत भी बहुत अच्छा है.

चिली के पास और भी अच्छे स्ट्राइकर हैं. ऐसे में ये मैच स्पेन के लिए करो या मरो का मुक़ाबला है.

(मुलर की हैट्रिक)

उनके कोच विचेंते डेल बोस्के पर बड़ी ज़िम्मेदारी है. नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ उन्होंने जो प्लेइंग इलेवन उतारी थी उसमें बड़ी तब्दीली करनी होगी साथ ही अपनी रणनीति बदलकर आक्रमक फ़ुटबॉल खेलनी पड़ेगी.

वर्ना स्पेनिश फ़ुटबॉल का ये सुनहरा दौर ख़त्म हो जाएगा.

अन्य मैच

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ग्रुप बी के मैच में नीदरलैंड्स की टीम ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी. फ़ॉर्म के हिसाब से तो नीदरलैंड्स को ये मैच जीतने में परेशानी नहीं होनी चाहिए.

(बिना कपड़ों के खेलते पकड़े गए खिलाड़ी)

वो जीत हासिल कर छह अंकों के साथ अगले दौर में प्रवेश करने वाली पहली टीम बन सकती है.

ग्रुप ए में कैमरून और क्रोएशिया का मुक़ाबला है. ब्राज़ील और मैक्सिको के बीच मैच ड्रॉ रहने से ग्रुप ए में जान आ गई है. दोनों ही टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं. ऐसे में ये मैच जीतना चाहेंगी.

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