फ़ीफ़ा डायरी: राष्ट्रपति नहीं, सुपरमॉडल देगी फ़ीफ़ा ट्रॉफ़ी

  • 18 जून 2014
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फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को ब्राज़ील की सुपरमॉडल जिसेल बुंशेन के हाथों विजेता ट्रॉफ़ी मिलेगी.

रियो डी जेनेरो के माराकाना स्टेडियम में 13 जुलाई को यह कार्यक्रम होगा.

ब्राज़ील में यह खूबसूरत बाला काफ़ी लोकप्रिय हैं.

दुनियाभर में कई उत्पादों का विज्ञापन करने के साथ ही रैंप पर उनके जलवे भी काफ़ी चर्चित रहे हैं.

क्लॉडिया शिफ़र और नाओमी कैंपबेल ने बुंशेन को दुनियाभर की अकेली सुपरमॉडल का दर्जा दिया है.

पहले माना जा रहा था कि ब्राज़ील की राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ विजेता टीम को ट्रॉफ़ी सौपेंगी.

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फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने 2010 में वर्ल्ड कप ट्रॉफ़ी स्पेन के कप्तान आइकर कैलिलास को सौंपी थी.

महज़ अफवाहें-मेसी

अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उन्होंने एक बच्चे को नज़रअंदाज किया.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह कभी किसी बच्चे को नज़रअंदाज नहीं कर सकते.

मेसी ने कहा, "मैंने सुना है कि वो कह रहे हैं कि मैं एक छोटे बच्चे से मिलना नहीं चाहता था. यह मूर्खतापूर्ण है. मैं कैसे एक बच्चे से नहीं मिलना चाहूंगा? मुझे नहीं पता कि उस समय मैं क्या सोच रहा था. इस बात का कोई मतलब नहीं है, जबकि मेरे अपने भतीजे और बेटे हैं. मैं एक बच्चे के साथ ऐसा कभी नहीं कर सकता."

मेसी ने भले ही अपनी स्थिति साफ़ कर दी हो, पर सोशल मीडिया में अभी भी उनकी खिंचाई जारी है. कुछ लोगों का कहना है कि मेसी को उस बच्चे के पास जाकर उससे मिलना चाहिए था.

फ़ैंस को कपड़ों का तोहफ़ा

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मंगलवार को रूस और दक्षिण कोरिया के बीच मैच शुरू होने के क़रीब दो घंटे पहले ही स्टेडियम के एक गेट के सामने भारी भीड़ जमा हो गई थी.

इस संवाददाता ने पाया कि यह भीड़ मुफ़्त कपड़े लेने के लिए जमा हुई थी. इन कपड़ों को दक्षिण कोरिया का एक ग्रुप बांट रहा था, जिसने वादा किया था कि वह खेल शुरू होने से पहले 14000 अमेरिकी डॉलर के कपड़े मुफ़्त देगा.

यह कोरिया की एक विशेष लाल रंग की पोशाक थी, जिस पर खूबसूरत एम्ब्रॉइडरी डिज़ाइन बनी थी.

इनमें से कुछ पोशाकों पर ब्राज़ील का झंडा बना था, जबकि कुछ पर उनके देश का नाम छपा था. ऐसे में मैच के दौरान यह पोशाक दक्षिण कोरिया के समर्थकों की पहचान बन गई.

इस समूह ने स्टेडियम में म्यूज़िक का आयोजन भी किया और इस दौरान मुफ़्त कपड़े पाने वाले सभी लोगों से थिरकने को कहा गया. इसे ही कहते हैं फ़ुटबॉल कोरियोग्राफ़ी.

आखिर फ़ुलेको है कहां?

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वर्ल्ड कप का बुखार दिनों-दिन बढ़ रहा है और पूरा ब्राज़ील और दक्षिण अमरीका इसके खुमार में डूब गया है. हालांकि कुछ लोग वर्ल्ड कप के शुभांकर फ़ुलेको को लेकर ताज्जुब में हैं.

ब्राज़ील का यह लुप्तप्राय जीव उद्घाटन समारोह के दौरान नदारद था. जिन स्टेडियमों में मैच हो रहे हैं, उनमें से कई में यह दिखाई नहीं दिया.

कुछ लोगों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस शुभांकर को लेकर फ़ीफ़ा खुद परेशान है क्योंकि वह लुप्तप्राय जीवों को बचाने के लिए कंज़र्वेशन समूहों के साथ कोई समझौता नहीं कर पाया.

सवाना हैबिटेट में लुप्तप्राय जीवों को बचाने के लिए काम कर रहा एनजीओ एसोसिएशन काटिंगा इस सिलसिले में फ़ीफ़ा का प्रस्ताव खारिज कर चुका है.

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