क्रिकेट: लू विंसेंट पर 'आजीवन प्रतिबंध'

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चैंपियंस लीग टी-20 (सीएलटी20) के आयोजकों ने न्यूज़ीलैंड के पूर्व बल्लेबाज़ लू विंसेंट के प्रतियोगिता में भाग लेने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है.

विंसेंट को स्पॉट फ़िक्सिंग के सात मामलों में दोषी पाया गया है. विंसेंट चैंपियंस लीग टी-20 में ऑकलैंड एस की ओर से खेलते हैं.

बीसीसीआई के मुताबिक़ जांच में विंसेंट अक्तूबर 2010 में दक्षिण अफ़्रीका में खेले गए टूर्नामेंट में दो मैचों में फ़िक्सिंग के दोषी पाए गए. कहा गया है कि ऐसा उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए बुकियों से समझौता करके किया.

इन आरोपों में से छह 10 अक्तूबर 2010 को सेंचुरियन में ऑकलैंड एस और हैंपशर के बीच और 15 अक्तूबर को केप टाउन में ऑकलैंड एस और कोलकाता नाइटराइडर के बीच खेले गए मैच में की गई स्पॉट फ़िक्सिंगको लेकर हैं.

इसके अलावा उन पर एक और आरोप है. इसके अनुसार वह 2011 में आयोजित चैंपियंस लीग टी-20 में एक बुकी ने उनसे संपर्क किया मगर उन्होंने इसके बारे में किसी को नहीं बताया.

लू विंसेंट की ओर से किए गए गंभीर प्रकार के इन अपराधों को देखते हुए चैंपियंस लीग टी-20 की आचार संहिता के तहत अधिकतम कार्रवाई की गई है.

विंसेंट ने ये आरोप स्वीकार किए हैं. न्यूज़ीलैंड की मीडिया को भेजे एक बयान में विंसेंट ने माफ़ी मांगी है.

उन्होंने कहा है, ''मैंने अपने देश को शर्मिंदा किया है. मैंने अपने खेल को शर्मिंदा किया है. मैंने उन लोगों को शर्मिंदा किया है, जो मेरे क़रीबी हैं. इसके लिए मुझे कोई गर्व नहीं है. मैने ख़ुद में और खेल में से विश्वास खो दिया है. मैंने उस खेल को गाली दी है, जिसे मैं प्यार करता हूं.''

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