किसी किले से कम नहीं हैं ये गोलकीपर

  • 3 जुलाई 2014
ब्राज़ील के गोलकीपर, जूलियो सीज़र इमेज कॉपीरइट Getty

ब्राज़ील में जारी फ़ुटबॉल विश्व कप प्रतियोगिता में अब तक हुए 154 गोलों को देखते हुए कहा जा सकता है कि दर्शकों का भरपूर मनोरंजन हुआ है.

पहले दौरा के मुक़ाबलों में सबसे ज़्यादा गोल ग्रुप बी में हुए.

इसमें नीदरलैंड्स, चिली, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें शामिल थीं.

इसके ठीक उलट सबसे कम 12 गोल ग्रुप-डी में हुए जिसमें कोस्टारिका, उरुग्वे, इटली और इंग्लैंड की टीमें थीं.

गोलकीपरों का प्रदर्शन

इस प्रतियोगिता के पहले दौर में नीदरलैंड्स ने पिछले विश्व कप चैंपियन स्पेन के ख़िलाफ़ 5-1 से सबसे बड़ी जीत हासिल की.

लेकिन दूसरे दौर में पहुंची टीमों को गोल करने के लिए ज़मीन-आसमान एक करना पडा. इसका एक बडा कारण सभी टीमों के गोलकीपरों का शानदार प्रदर्शन भी था.

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दूसरे दौर के आठ मैचों में केवल 18 गोल हुए, जबकि दो मैचों का फ़ैसला पेनाल्टी शूटआउट में हुआ जिनमें 13 गोल हुए.

इस विश्व कप में फिलहाल बची टीमों में ब्राज़ील के जूलियो सीज़र, कोलंबिया के जैस्पर सिलेसन, कोस्टा रिका के कीलोर नवास, फ्रांस के हुगो लौरिस, अर्जेंटीना के सर्जियो रोमेरो, बेल्जियम के थिबट कोर्टोइस और जर्मनी के मैनुल नेयूर दमदार खेल दिखा रहे हैं.

'गोलकीपिंग को नया आयाम'

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जाने-माने फुटबॉल समीक्षक नोवी कपाड़िया मानते है कि इनमें सबसे शानदार और उच्च श्रेणी के गोलकीपर जर्मनी और बेल्जियम के हैं, जिन्होंने गोलकीपिंग को एक नया आयाम दिया है.

कोलंबिया के गोलकीपर जैस्पर बेहद चपल हैं और उनके रिफ्लेक्स बेहद अच्छे हैं लेकिन इस विश्व कप की बची टीमों में बेल्जियम और जर्मनी के गोलकीपर ही सर्वश्रेष्ठ हैं.

बेल्जियम के ख़िलाफ़ तो पहले दौर में केवल एक गोल ही हो सका. दूसरे दौर में भी उसके ख़िलाफ़ केवल एक गोल हुआ.

जर्मनी के ख़िलाफ भी अभी तक केवल तीन गोल हुए हैं, यानी क्वार्टर फ़ाइनल में इनकी विरोधी टीमों के लिए इनसे पार पाना आसान नहीं होगा.

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