क्रिकेट में भी हों लाल और पीले कार्ड?

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इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन और भारत के रवींद्र जडेजा के बीच ट्रेंट ब्रिज के पहले टेस्ट में हुए झगड़े के बाद सवाल उठे हैं कि क्या क्रिकेट में ख़राब व्यवहार आसानी से बर्दाश्त कर लिया जाता है?

ज़्यादातर टीम खेलों की तुलना में क्रिकेट के अंपायरों के पास खिलाड़ियों को मैदान से बाहर करने की ताकत नहीं होती. अगर पीला और लाल कार्ड देने की व्यवस्था लागू होती है तो ये इस खेल में एक बड़ा बदलाव होगा.

इस पर खेल के नियम तय करने वाले एमसीसी और आईसीसी ने विचार भी किया है.

क्रिकेट कॉमेंटेटर प्रकाश वाकणकर इसे वक़्त की ज़रूरत बताते हैं लेकिन इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी स्टीव हार्मिसन का कहना है कि ऐसा होना लोगों के साथ धोखा होगा जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी को देखने आते हैं.

लाल और पीले कार्ड के पक्ष में कॉमेंटेटर प्रकाश वाकणकर

Image caption प्रकाश वाकणकर 29 साल से कमेंट्री कर रहे हैं और अब टीएमएस और ऑल इंडिया रेडियो के लिए काम करते हैं.

खिलाड़ियों का बर्ताव ख़राब होता जा रहा है और अंपायरों को ज़्यादा शक्तियां दिए जाने की ज़रूरत है.

पीले और लाल कार्ड की व्यवस्था थोड़ी अति लग सकती है लेकिन रंगीन कपड़ों के बारे में भी ऐसा ही कहा गया था.

कोई गेंदबाज़ लगातार बल्लेबाज़ को गाली दे तो उसे पीला कार्ड दिखाया जाना चाहिए.

इससे वे कुछ समय के लिए मैदान से बाहर हो जाएंगे. ऐसे में टीम की रणनीति को नुकसान पहुंचेगा और टीम मीटिंग में उस गेंदबाज़ को डांटा जा सकता है.

बल्लेबाज़ समय बर्बाद करे तो अंपायर उसे पीला कार्ड दिखाकर एक घंटे तक या अगला विकेट गिरने तक रिटायर कर सकते हैं. फ़ील्डर करे तो उसे बल्लेबाज़ी क्रम में नीचे किया जा सकता है.

कुछ गंभीर होता है तो अंपायर लाल कार्ड दिखाएंगे और खिलाड़ी मैच से बाहर हो जाएगा. मैच के बाद जुर्माने से कुछ हासिल नहीं होता.

लाल और पीले कार्ड के विरोध में स्टीव हार्मिसन

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लाल और पीला कार्ड लागू करना क्रिकेट में एक घातक परंपरा की शुरुआत होगी. सबसे पहले तो इससे अंपायरों का क़द घटेगा.

मैं तकनीक के इस्तेमाल के पक्ष में हूं और चाहता हूं कि क्रिकेट वक़्त के साथ बदले लेकिन पीला और लाल कार्ड कुछ ज़्यादा ही है. इससे विवाद होगा और टीमों में तनाव होगा.

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कोई ग़लती करे तो अंपायरों को उससे बात करनी चाहिए. न माने तो जुर्माना होना चाहिए और ज़्यादा आगे बढ़ने पर पाबंदी लग सकती है. ये पर्याप्त चेतावनी होगी क्योंकि कोई खेल से हटना नहीं चाहेगा.

लाल और पीले कार्ड क्रिकेट की परंपरा के ख़िलाफ़ होंगे. हमें अंपायरों को बढ़ावा देना चाहिए.

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