एशियाई खेलः इन पर रहेंगी नज़रें

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कोरिया के इंचियोन शहर में 19 सितंबर से 17वें एशियाई खेल शुरू हो रहे हैं.

इससे पहले कोरिया दो बार साल 1986 में सियोल और साल 2002 में बुसान में इन खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक कर चुका हैं.

भारत भी इन खेलों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा हैं.

वैसे कुश्ती में लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता सुशील कुमार, पिछले एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता विजेंदर सिंह और सोमदेव देववर्मन के कोरिया में ना खेलने से दल के मनोबल को झटका लगा है.

विजेंदर सिंह ने पिछले ग्वांगज़ो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था जबकि सोमदेव बर्मन ने पिछले एशियाई खेलों में ही टेनिस में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था.

पिछले एशियाई खेलों में भारत ने 14 स्वर्ण, 17 रजत और 34 कांस्य पदक सहित 65 पदक अपने नाम किए थे.

करिश्मा

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Image caption पिस्टल शूटर हिना सिद्धू से निशानेबाज़ी में खेल प्रेमियों को काफी उम्मीदें हैं.

इस बार भारत के स्वर्ण पदक की सबसे अधिक उम्मीद हाल ही में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली पीवी सिंधू से होगी.

उनके अलावा साइना नेहवाल भी दमदार खेल दिखा सकती हैं.

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Image caption भारत को कुश्ति में योगेश्वर दत्त से पदक की उम्मीद है.

कुश्ती में इस बार लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत और युवा पहलवान अमित कुमार भी कोई करिश्मा दिखा सकते हैं.

अमित कुमार ने पिछले दिनों गलास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था.

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Image caption दीपिका कुमारी ने तीरंदाजी में अच्छे प्रदर्शन से काफी उम्मीदें जगाई हैं.

तीरंदाज़ी में भारत की निगाहें दीपिका कुमारी पर रहेंगी.

कबड्डी में भारत की महिला और पुरूष टीम पिछली चैंपियन हैं और इस बार भी उनका दावा मज़बूत हैं.

उल्लेखनीय हैं कि कबड्डी को पहली बार 1990 के बीजिंग एशियाई खेलों में शामिल किया गया और तब भारत ने केवल कबड्डी में ही स्वर्ण पदक जीता था.

शानदार तैयारी

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Image caption धाविका टिंटु लुका से भारत तमगे की उम्मीद कर सकता है.

एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रोअर और गोला फेंक एथलीट विकास गौडा और 800 मीटर की धाविका टिंटू लूका से भारत इस बार स्वर्ण की उम्मीद कर सकता हैं.

निशानेबाज़ी में युवा महिला पिस्टल शूटर हिना सिद्धू , अभिनव बिंद्रा और हाल ही में रियो ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले जीतू राय भी करिश्मा कर सकते हैं.

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Image caption सरदार सिंह ने भारतीय हॉकी को नया भरोसा दिया है.

हॉकी में भी भारत का दावा इस बार मज़बूत हैं. सरदार सिंह की कप्तानी में भारत की तैयारी शानदार हैं.

इनके अलावा रोविंग में बजरंग लाल ठक्कर अपनी पिछली स्वर्णिम कामयाबी दोहराने का दम रखते हैं.

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