जब बुझ गई एशियाई खेलों की मशाल

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सामान्य तौर पर ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की मशाल खेलों की शुरुआत से समापन तक जला कर रखी जाती है.

लेकिन रविवार रात 11.30 बजे अचानक इंचियोन में हो रहे एशियाई खेलों की मशाल बुझ गई जिससे अधिकारियों में खलबली मच गई.

आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद मशाल दोबारा जला दी गई. लेकिन इस ज्योति के बुझने की वजह अब तक पता नहीं चल पाई है.

भारतीय निशानेबाज़ों को रोका

इंचियोन में अपनी स्पर्धा के बाद भारत वापस जाने के लिए जब भारतीय निशानेबाज़ हवाई अड्डे पहुंचे तो कोरियाई पुलिस ने उन्हें विमान में चढ़ने से रोक दिया.

दरअसल खिलाड़ियों के बैग में राइफ़ल में इस्तेमाल होने वाले पेंचकस और बंदूक में लगने वाले तेल रखा था. जब तक खिलाड़ी, पुलिस को अपनी बात समझा पाते तब तक विमान के दरवाज़े बंद हो चुके थे.

काफ़ी देर एयरपोर्ट पर ही बिताने के बाद भारतीय निशानेबाज़ों को दूसरे विमान से भेजा गया.

बिंद्रा पर गहमागहमी

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Image caption अभिनव बिंद्रा के संन्यास संबंधी ऐलान ने भारतीय पत्रकारों के बीच खलबली मचा दी.

भारतीय निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा के एक ट्वीट ने इंचियोन में मौजूद भारतीय पत्रकारों के बीच सनसनी फैला दी.

दरअसल बिंद्रा ने लिखा कि मंगलवार को होने वाली निशानेबाज़ी प्रतियोगिता उनके पेशेवर शूटिंग करियर का आख़िरी मुक़ाबला होगा.

लेकिन एक और ट्वीट में बिंद्रा ने लिखा कि वो शौकिया तौर पर शूटिंग करना जारी रखेंगे और रियो ओलंपिक खेलने की कोशिश करेंगे.

अब इऩ दोनों बातों का क्या मतलब है इसका पता तब चलेगा जब बिंद्रा प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर अपनी बात साफ़ करेंगे.

अव्यवस्था

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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष टोमस बाख के खेलों में खर्चे कम करने की बात को इंचियोन एशियाई खेलों के पदाधिकारियों ने कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से ले लिया है.

बसों की कमी की वजह से पत्रकारों को एक स्टेडियम से दूसरे में जाने के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है.

पानी की व्यवस्था बहुत ख़राब है. विदेशी मेहमानों के लिए दुभाषिए भी नहीं है.

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