दबाव कोई नहीं, आगे देखते हैं: मैरी कॉम

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इंचियोन में होने वाले 17वें एशियाई खेलों में विवाद से घिरी बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शीर्ष के दो बॉक्सरों के न पहुंचने से भारतीय खेमे में निराशा है.

लेकिन भारतीय दल को मैरी कॉम की फिक्र है जो गोल्ड जीतने के इरादे से रिंग में जल्द ही उतरने जा रही हैं.

फ़ाइनल में मैरी कॉम का मुकाबला कज़ाकिस्तान की मुक्केबाज़ झाइना शिरकविकोवा से हो रहा है.

उधर भारतीय मुक्केबाज़ों देवेंद्रो सिंह और सरिता देवी का फ़ाइल में आना पक्का माना जा रहा था लेकिन अंकों को लेकर विवाद के बाद दोनों मुक्केबाज़ बाहर हो गए.

मैरीकॉम पर नज़र

नज़रें मैरी कॉम पर हैं, उन पर कितना दबाव है और वह फ़ाइल मुकाबले में कौन सा मेडल ला पाएंगी?

सेमीफ़ाइल में मैरी कॉम ने वियतनाम की ली थी वैंग को आसानी से 3-0 से हराया था.

मैरी कॉम ने ली वैंग को सिर्फ़ बाजुओं से नहीं दिमाग़ के जोर से भी मात दी थी.

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Image caption मैरी कॉम फ़ाइल मुकाबले में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.

मैरी कॉम को भरोसा है कि सरिता और देवेंद्रो के हादसे का उऩके ऊपर ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "हर किसी को पता है और लोग मुझे जानते हैं कि मैं कितने साल से खेल रही हूं और कितनी बार चैंपियन बनी हूं. मेरे ऊपर इतना दबाव नहीं पड़ेगा. देखते हैं क्या होता है?"

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