कार्लसन को नए 'आनंद' की चुनौती

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रूस का सोची शहर विश्व शतरंज चैंपियनशिप के लिए तैयार है. यहां भारत के विश्वनाथन आनंद और नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के बीच शतरंज की बिसात पर बादशाहत के लिए जंग होगी.

शनिवार देर रात दोनों खिलाड़ी पहली बाज़ी में अपने मोहरे चलेंगे. कुल मिलाकर 12 दौर तक मुक़ाबला होगा.

अंतिम बाज़ी 25 नवंबर को खेली जाएगी और अगर तब भी विजेता का फ़ैसला नहीं हो सका तो 27 नवंबर को टाईब्रेक का सहारा लिया जाएगा.

विश्वनाथन आनंद इससे पहले पांच बार (2000, 2007, 2008, 2010 और 2012 में) विश्व चैंपियन रह चुके हैं. दूसरी तरफ, मैग्नस कार्लसन फिलहाल दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी हैं.

दोनों का दावा

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इससे पहले पिछले साल चेन्नई में भी यह दोनों धुरंधर आमने-सामने थे, जहां कार्लसन ने बाज़ी मारी थी.

इन दोनों के बीच होने वाले मुक़ाबले पर जाने-माने शतरंज विशेषज्ञ वी कृष्णास्वामी कहते हैं, "पिछली बार कार्लसन ने जब एक बार बढ़त हासिल की तो उन्हें आनंद पकड़ नहीं सके और कार्लसन आसानी से विश्व चैंपियन बन गए. इस बार आनंद को भी कार्लसन के खेल के बारे में काफी कुछ पता है. आनंद जानते हैं कि कार्लसन विरोधी को थकाकर बाज़ी जीतने में माहिर हैं."

वह कहते हैं, "वैसे भी विश्वनाथन आनंद ने कैंडिडेट्स चैंपियनशिप के माध्यम से जब फ़ाइनल के लिए क्वॉलिफाई किया तो लगा कि जैसे कई सालों बाद वह नई ऊर्जा के साथ खेल रहे हैं. आनंद इस बार कार्लसन को उनकी ही चाल में फंसाने की कोशिश करेंगे."

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"इसके अलावा आनंद पर इस बार अपने ही समर्थकों के सामने खेलने का दबाव नहीं होगा जैसा पिछली बार चेन्नई में था, इसलिए लगता है कि इस बार मुक़ाबला ज़ोरदार होगा."

भले ही आनंद और युवा कार्लसन के बीच उम्र में 20 साल का अंतर हो लेकिन कृष्णास्वामी को दोनों का दावा बराबर नज़र आता है.

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