'नाकामी की सुनामी आने से पहले ली विदाई'

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मंगलवार को भारत ऑस्ट्रेलिया से मेलबर्न टेस्ट ड्रॉ कराने के बावजूद सिरीज़ हार गया. ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट मैचों की मौजूदा सिरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है.

इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी का अपनी कप्तानी में भारत को विदेशों में टेस्ट सिरीज़ जीतने का सपना भी टूट गया.

60 टेस्ट मैचों में भारत की कमान संभालने वाले धोनी की कप्तानी इससे पहले कि और भी अधिक आलोचनाओं के घेरे में आती उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को ही अलविदा कहकर सभी क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया.

टाइमिंग?

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महेंद्र सिंह धोनी के इस अप्रत्याशित कदम की भारत के पूर्व क्रिकेटरों ने अपने ही अंदाज़ में समीक्षा की.

कुछ ने तो यहां तक कहा कि वह टीम को बीच सिरीज़ में छोडकर चले गए हैं. कुछ ने कहा कि उनकी टाइमिंग सही नहीं है.

उनके इस कदम को लेकर भारत के पूर्व ऑलराउंडर और कोच मदन लाल ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा कि लोगों का ऐसा कहना ग़लत है.

वे कहते हैं, "धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं. वह क्रिकेट से भी कभी दूर नही गए हैं. जब भी टीम को हार का सामना करना पड़ा है तो उन्होंने उसकी ज़िम्मेदारी ख़ुद ली है और जीत का श्रेय हमेशा पूरी टीम को दिया."

कप्तानी की आलोचना

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मदन लाल का कहना है, "शायद टेस्ट क्रिकेट में कई सालों से उनकी नाकामी ने उन्हें यह फ़ैसला लेने को मजबूर किया."

धोनी की कप्तानी में भारत ने विदेशों में लगातार छह टेस्ट सिरीज़ गंवाई. लेकिन क्या उन्हें सम्मान के साथ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा नहीं कहना चाहिए था.

इसे लेकर जाने-माने क्रिकेट समीक्षक और कमेंटेटर अयाज़ मेमन कहते हैं कि टाइमिंग में तो कोई कमी नहीं थी.

वे कहते हैं, "कहीं ना कहीं उनके ज़हन में था और जैसे ही सिरीज़ का फ़ैसला हो गया उन्होंने सन्यास ले लिया. उनकी कप्तानी की आलोचना बढ़ती जा रही थी."

निर्णय का सम्मान

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मेमन कहते हैं, "धोनी ने सोचा इससे पहले कि यह सुनामी की तरह बन जाए, इसे छोड़ दूं और वनडे की तरफ ध्यान दूं."

सीरिज के बीच में पहले से बताए बिना संन्यास लेने पर मेमन कहते हैं, "यह एशिया में अधिक होता है कि पहले बताओ फिर संन्यास लो जबकि दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने भी इसी तरह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था."

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धोनी से पहले भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने भी ऐसा ही किया था.

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ साल 2008 में दिल्ली में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बाद टेस्ट क्रिकेट को छोड़ दिया था.

अब धोनी ने ऐसा क्यों किया इस रहस्य से पर्दा तो शायद वही उठाएं लेकिन उनके इस निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए.

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