100 साल बाद भी नॉट आउट

असगिरिया स्टेडियम इमेज कॉपीरइट TIM PILE

श्रीलंका के कैंडी में असगिरिया स्टेडियम का उद्घाटन आधिकारिक तौर पर 100 साल पहले ब्रितानी गवर्नर सर रॉबर्ट चामर्स ने किया था.

इस मैदान पर 1983 से 2007 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हुए.

इमेज कॉपीरइट TIM PILE

यह मैदान टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी करने वाला इकलौता ऐसा मैदान रहा जिसका मालिकाना हक़ एक स्कूल का था.

इमेज कॉपीरइट Other

टिम पाइल ने ये तस्वीरें 2014 के आखिर में ली थीं.

हालाँकि अब इस पर पेशेवर क्रिकेट नहीं खेली जाती, पर स्कूली बच्चे पिच का इस्तेमाल करते हैं.

दुर्भाग्य से मैदान के दूसरे हिस्से बदहाल हैं.

स्टेडियम में कई जगह उखड़ी हुई रेलिंग्स और साइन बोर्ड इस मैदान की बदहाली की दास्तान बयाँ कर रहे हैं.

श्रीलंका में पिछले साल औसत से अधिक बारिश हुई.

इमेज कॉपीरइट Other

ग्राउंड स्टाफ़ रोलर पर लगे फोम पैड की मदद से मैदान को सुखाते हैं.

क्यूरेटर अभयसेना विजेवीरा को अब भी उम्मीद है कि एक दिन फिर इस मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुक़ाबले खेले जाएंगे.

फिलहाल, वो और उनके साथी स्कूली मैचों के लिए मैदान को तैयार करने में जुटे हैं.

अभयसेना का कहना है कि असगिरिया का विकेट बल्लेबाज़ों से अधिक गेंदबाज़ों के लिए मुफ़ीद है.

सुबह के सत्र में यह जहाँ तेज़ गेंदबाज़ों को मदद करता है, वहीं धूप पड़ने के बाद विकेट टर्न लेने लगता है.

इमेज कॉपीरइट TIM PILE

असगिरिया ने श्रीलंका क्रिकेट में कई चैंपियन खिलाड़ी दिए हैं.

ट्रिनिटी कॉलेज के छात्र रहे और श्रीलंका के सबसे सफलतम बल्लेबाज़ों में शुमार कुमार संगकारा ने इसी मैदान पर बल्लेबाज़ी की बारीक़ियां सीखी.

इमेज कॉपीरइट TIM PILE

साल 2007 के बाद इस मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुक़ाबले नहीं खेले गए हैं, लेकिन जूनियर क्रिकेट के मैच यहां खूब खेले जाते हैं.

इमेज कॉपीरइट Other

मैदान की देखरेख अब पहले की तरह नहीं होती.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी हटने के बाद श्रीलंकाई बोर्ड ने इसे एक तरह से भुला सा दिया है.

मैदान के बाहरी हिस्से में घुटनों तक उग आई घास को हटाना हमेशा से ही मुश्किल काम रहा है.

औपनिवेशक काल में इस ज़मीन पर घास हटाने का यह काम बकरियाँ करती थीं.

इमेज कॉपीरइट TIM PILE

मैदान पर खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए कई स्लोगन लिखे गए हैं.

इमेज कॉपीरइट TIM PILE

विकेट पर रोलर चलाने और मैदान को सुखाने के बाद विकेट को बड़े-बड़े टायरों से ढक दिया जाता है. ये टायर पेपरवेट का काम करते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं)

संबंधित समाचार