आईपीएल स्पॉट फ़िक्सिंग: कब-क्या हुआ?

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सुप्रीम कोर्ट ने करीब 18 महीने पुराने आईपीएल स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में फ़ैसला सुनाते हुए गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा को सट्टेबाज़ी का दोषी माना है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीसीसीआई के क्रियाकलाप सार्वजनिक कार्य हैं और अनुच्छेद 226 के तहत उनकी समीक्षा की जा सकती है.

अदालत ने बीसीसीआई को छह हफ़्ते में नए चुनाव करवाने का आदेश दिया है.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एन श्रीनिवासन को तब तक चुनाव लड़ने से रोक दिया है जब तक कि उनके आईपीएल में व्यावसायिक हित हैं.

एक नज़र आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले पर

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Image caption मई, 2013 में अंकित चव्हाण और श्रीसंत के साथ अजित चंदेला की गिरफ़्तारी हुई थी.

16 मई 2013: राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ी सांतकुमारन श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदेला स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोप में गिरफ़्तार.

21 मई 2013: बॉलीवुड कलाकार विंदू दारा सिंह सट्टेबाज़ों के साथ रिश्ते के आरोप में मुंबई में गिरफ़्तार.

24 मई 2013: मयप्पन मुंबई पुलिस के सामने हाज़िर हुए, पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया.

2 जून 2013: बीसीसीआई की बैठक में फ्रेंचाइज़ी की जांच के लिए दो रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाई.

11 जून 2013: श्रीसंत और चव्हाण जेल से जमानत पर रिहा हुए.

28 जुलाई 2013: बीसीसीआई की बनाई जजों की कमेटी ने राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स को क्लीन चिट दी.

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30 जुलाई 2013: बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष आदित्य वर्मा ने बीसीसीआई के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की.

5 अगस्त 2013: बीसीसीआई ने दो जजों की कमेटी की जांच रिपोर्ट को ख़ारिज़ करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की.

13 सितंबर 2013: बीसीसीआई ने श्रीसंत और चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगाया.

7 अक्टूबर 2013: सुप्रीम कोर्ट ने फ़िक्सिंग मामले की जांच के लिए जस्टिस मुदगल कमेटी बनाई.

10 फ़रवरी 2014: मुद्गल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी.

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7 मार्च 2014: बीसीसीआई ने हलफ़नामा देकर कहा कि मयप्पन चेन्नई सुपर किंग्स में अधिकारी हैं, इसके मालिक नहीं.

1 सितंबर 2013: सुप्रीम कोर्ट ने मुदगल समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का और समय दिया.

3 नवंबर 2014: मुद्गल कमेटी ने रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी.

24 नवंबर 2014: मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई का जवाब.

22 जनवरी 2015: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा को आईपीएल में सट्टेबाज़ी का दोषी माना.

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अदालत ने बीसीसीआई को छह हफ़्ते में नए चुनाव करवाने का आदेश दिया और श्रीनिवासन पर तब तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगा दिया जब तक उनका आईपीएल में व्यावसायिक हित है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई के क्रियाकलाप सार्वजनिक कार्यों की श्रेणी में आते हैं और उनके कामों की समीक्षा की जा सकती है.

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