क्रिकेट के कुरुक्षेत्र में नहीं होंगे 'भगवान'

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ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में 15 फ़रवरी को भारत, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगा.

विश्व कप इतिहास में ये पहला मौक़ा होगा जब पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत सचिन तेंदुलकर के बगैर उतरेगा.

विश्व कप में पहली दफ़ा भारत और पाकिस्तान 1992 में ऑस्ट्रेलिया में आमने-सामने हुए थे.

तब से लेकर अब तक पांच बार दोनों टीमें क्रिकेट की इस सबसे बड़ी प्रतियोगिता में भिड़ चुकी हैं और हर बार जीत भारत की हुई है.

भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप में हुए मैचों और उनमें सचिन तेंदुलकर के योगदान पर एक नज़र.

1992 विश्व कप (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया)

ये पहला मौक़ा था जब दोनों टीमें विश्व कप में आमने-सामने हुईं.

भारत ने पाकिस्तान को इस मैच में 43 रनों से हराया.

सचिन तेंदुलकर ने भारत की ढहती पारी को संभाला और 62 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से नाबाद 54 रन बनाए.

उन्हें ही इस मैच में 'मैन ऑफ़ द मैच' घोषित किया गया.

विश्व कप के इतिहास में ये पहला मौक़ा था जब टीमें सफ़ेद के बजाय रंगीन पोशाक में मैदान में उतरी और पहली बार दिन-रात के मैच खेले गए.

1996 विश्व कप (बैंगलोर, भारत)

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इस विश्व कप का आयोजन भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने मिलकर किया. भारत और पाकिस्तान की टीमें क्वार्टर फ़ाइनल में आमने-सामने हुईं.

भारत ने इस मैच में 39 रन से जीत हासिल की.

पूरे टूर्नामेंट में ज़बरदस्त प्रदर्शन करने वाले सचिन इस मैच में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए और 59 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 31 रन की पारी ही खेल सके.

1999 विश्व कप (मैनचेस्टर, इंग्लैंड)

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टूर्नामेंट के सुपर सिक्स राउंड में दोनों टीमें आमने-सामने हुईं.

एक बार फिर भारत, पाकिस्तान पर भारी पड़ा और वेंकटेश प्रसाद की शानदार गेंदबाज़ी की वजह से 47 रन से जीत हासिल की.

सचिन तेंदुलकर ने 65 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 45 रन की पारी खेली.

2003 विश्व कप (सेंचुरियन, दक्षिण अफ़्रीका)

ये मैच भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे यादगार मैचों में से एक साबित हुआ.

सचिन तेंदुलकर ने लगभग अकेले दम पर ये मैच भारत को जिता दिया.

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उन्होंने सिर्फ़ 75 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्के की मदद से 98 रन की ज़ोरदार पारी खेली और भारत ने 273 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर पूरा कर लिया.

इस मैच में शोएब अख़्तर की गेंद पर सचिन तेंदुलकर ने अपर कट से जो छक्का जड़ा वो क्रिकेट के ऐतिहासिक लम्हों में से एक बन चुका है.

तेंदुलकर इस मैच में 'मैन ऑफ़ द मैच' भी बने.

2011 विश्व कप (मोहाली, भारत)

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दोनों टीमें सेमीफ़ाइनल में आमने-सामने हुईं. इस हाई प्रोफ़ाइल मैच को देखने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी स्टेडियम में मौजूद रहे.

भारतीय टीम ने ये मैच 29 रन से जीत लिया.

सचिन तेंदुलकर ने 115 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 85 रन बनाए.

हालांकि उनकी इस पारी को विशेषज्ञों ने उतना स्तरीय नहीं माना क्योंकि इस दौरान तेंदुलकर को कई जीवनदान भी मिले.

लेकिन अंतत: उनकी ये पारी निर्णायक साबित हुई.

सचिन तेंदुलकर इसमें 'मैन ऑफ़ द मैच' बने.

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