'दबाव से निकलना सीख चुकी है टीम इंडिया '

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ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुक़ाबले में हमेशा की तरह एक बार फिर भारत 76 रन से विजयी रहा.

भारत की विश्व कप में पाकिस्तान पर यह छठी जीत रही.

भारत की इस जीत पर साल 1983 में विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे मदन लाल का कहना हैं कि इस तरह के परिणाम की पहले ही अपेक्षा थी.

दरअसल पिछले दिनों भारत का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ ख़राब था क्योंकि वह भारत से मज़बूत टीम हैं लेकिन पाकिस्तान नहीं. भारतीय टीम पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खेली.

सही फ़ैसला

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इस मैच में सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन और विराट कोहली की बल्लेबाज़ी को लेकर मदन लाल ने कहा कि टीम की जीत में अच्छी शुरुआत का मिलना ज़रूरी हैं. शिखर धवन को रन बनाते देखना अच्छा लगा, लेकिन अब उन्हे लगातार ऐसी फ़ॉर्म दिखानी होगी.

विराट कोहली ने दिखा दिया कि क्यों उन्हें इस समय दुनिया का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ माना जाता हैं. पिछली दो-चार पारी में नाकाम रहने के बाद वह बड़े मैच में शतक के साथ वापस लौटे.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सुरेश रैना ने भी 56 रनों की ज़ोरदार पारी खेलकर अपने ऊपर उठ रहे सवालों का समाप्त किया.

इसे लेकर मदन लाल का मानना हैं कि भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें जल्दी भेजकर सही कदम उठाया. वैसे भी किसी भी बल्लेबाज़ का परिस्थितियों के अनुरूप बल्लेबाज़ी करना आवश्यक हैं. सुरेश रैना की भी तारीफ़ करनी होगी जिन्होंने तेज़-तर्रार पारी खेलकर भारत को 300 रन तक पहुंचाने में मदद की.

पाकिस्तानी गेंदबाज़ी को लेकर मदन लाल का मानना हैं कि उन्होंने सही दिशा में गेंदबाज़ी नहीं की. इसके अलावा उनके फ़िल्डर्स ने कई अहम कैच भी छोड़े. दूसरी तरफ भारत के गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी की. भारतीय गेंदबाज़ों को एकदिवसीय क्रिकेट पसंद आती हैं.

मौहम्मद शमी तो शुरू में ही विकेट दिलाने के लिए जाने जाते हैं. उमेश यादव को अभी भी अपनी लय की तलाश हैं. पाकिस्तान के ख़िलाफ भारत के स्पिनरों ने भी सधी हुई गेंदबाज़ी की.

दावेदार

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आखिरकार पाकिस्तान हर बार विश्व कप में भारत से क्यों हार जाता हैं ?

इसे लेकर मदन लाल का मानना हैं कि उनके खिलाड़ी हर बार भारत के ख़िलाफ़ पुरानी यादों के साथ मैदान में उतरते हैं. पिछली पांच हार का दबाव भी उन पर था. इसके अलावा भारतीय टीम अब बड़े मैचो के दबाव से निकलना सीख चुकी हैं जबकि पाकिस्तान ऐसा नहीं कर पा रहा.

इसके अलावा पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह-उल-हक़ के अलावा कोई भी खिलाड़ी ज़िम्मेदारी से नही खेला. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने सबसे बड़ी गलती अनुभवी यूनिस ख़ान को सलामी बल्लेबाज़ बनाकर की.

मदन लाल चेताते हैं कि अब भारत का अगला मुक़ाबला दक्षिण अफ्रीका से हैं. दोनों टीमें टक्कर की हैं. लेकिन दबाव दक्षिण अफ्रीका पर ही होगा क्योंकि उसे इस विश्व कप का दावेदार माना जा रहा है.

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