विश्व कपः क्या इतिहास बदल पाएगा भारत

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पिछला रविवार भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए सुपर संडे साबित हुआ. तब भारत ने विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान के ख़िलाफ अपने अजेय रिकार्ड को बरक़रार रखते हुए पाकिस्तान को छठी बार मात दी. लेकिन इस रविवार को भारत का मुकाबला विश्व कप में रिकॉर्ड के लिहाज से भारी दक्षिण अफ्रीका के साथ है.

पाकिस्तान के विपरीत भारत विश्व कप के किसी भी मैच में दक्षिण अफ्रीका को मात नहीं दे सका है. दक्षिण अफ्रीका से मुकाबले में भारत को तीन बार हार मिली है.

तीन बार हार

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भारत और दक्षिण अफ्रीका पहली बार साल 1992 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में संयुक्त रूप से आयोजित हुए विश्व कप में आमने-सामने हुए.

वह दक्षिण अफ्रीका का पहला विश्व कप था. दक्षिण अफ्रीका ने एडीलेड में खेले गए मुक़ाबले में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी की.

बारिश से बाधित 30 ओवर के मुक़ाबले में भारत 6 विकेट पर 180 रन ही बना सका. दक्षिण अफ़्रीका ने जीत का लक्ष्य 29.1 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया.

भारत और दक्षिण अफ्रीका दूसरी बार साल 1999 में इंग्लैंड में आयोजित हुए विश्व कप में आमने-सामने हुए.

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 253 रन बनाए.

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दक्षिण अफ्रीका ने कालिस के 96 रनों की मदद से 47.2 ओवर में 6 विकेट से मैच जीत लिया.

इसके बाद भारत और दक्षिण अफ्रीका तीसरी बार पिछले विश्व कप में साल 2011 में भारत में नागपुर में टकराए.

भारत ने सचिन तेंदुलकर के 111 रनों की मदद से 48.4 ओवर में 296 रनों का विशाल स्कोर बनाया.

इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका 3 विकेट से जीतने में कामयाब रहा.

गेंदबाज़ों से बचकर

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फिलहाल इस विश्व कप में भारत अपने पहले मुक़ाबले में आसानी से पाकिस्तान को हरा चुका है.

विराट कोहली के बल्ले से शतक भी निकल चुका है, और शिखर धवन भी लम्बे समय बाद फॉर्म में वापस आ गए हैं. सुरेश की खराब रैना भी बीत चुकी है.

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ज़रूर बल्ले से संघर्ष करते नज़र आ रहे हैं.

दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका ने अपने पहले मैच में ज़िम्बॉब्वे को हराने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाया.

एक समय 4 विकेट 83 रन पर गंवा चुकी दक्षिण अफ्रीका ने डेविड मिलर के नाबाद 138 और जेपी डूमिनी के नाबाद 115 रनों की मदद से 4 विकेट पर ही 339 रन बनाए, लेकिन ज़िम्बॉब्वे ने आल आउट होते-होते 277 रन बना डाले.

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दक्षिण अफ्रीकी टीम के तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल और वर्नोन फिलैंडर यक़ीनन किसी भी दिन किसी भी टीम को परेशान कर सकते हैं लेकिन भारतीय टीम भी लम्बे समय से ऑस्ट्रेलिया में हैं जिसका लाभ भारत को मिल सकता है.

भारतीय गेंदबाज़ों को दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला और एबी डि विलियर्स से भी बचकर रहना होगा.

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