बल्लेबाज़ी नहीं, गेंदबाज़ी का है कमाल !

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भारत ने मौजूदा विश्व कप टूर्नामेंट में अपने सभी पाँचों मुक़ाबले जीते हैं और जीत में गेंदबाज़ों ने अहम भूमिका निभाई है.

क्रिकेट के इस महाकुंभ में शायद पहली बार बल्लेबाज़ों से ज़्यादा लाइमलाइट में भारतीय गेंदबाज़ हैं.

विश्व कप शुरू होने से पहले क्रिकेट के लगभग सभी जानकार भारतीय टीम की कमियां गिनाते हुए सबसे पहले गेंदबाज़ों को कोस रहे थे. लेकिन इन गेंदबाज़ों ने टूर्नामेंट में अपनी बेहतरीन गेंदबाज़ी से आलोचकों के मुंह पर ताले लगा दिए हैं.

गेंदबाज़ों ने सभी टीमों को समेटा

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इसकी वजह है विरोधी टीम पर उनका धावा बोलना. भारतीय गेंदबाज़ों ने मौजूदा विश्व कप के अब तक खेले गए सभी पाँच मुक़ाबलों में विपक्षी टीम को ऑल आउट किया है.

विपक्षी टीम स्कोर (टीम ऑल आउट)
पाकिस्तान 47 ओवरों में 224 रन
दक्षिण अफ्रीका 40.2 ओवरों में 177 रन
संयुक्त अरब अमीरात 31.3 ओवरों में 102 रन
वेस्टइंडीज़ 44.2 ओवरों में 182 रन
आयरलैंड 49 ओवरों में 259 रन

विश्व कप के इतिहास में भारत ने पहली बार ऐसा कारनामा किया है.

शमी की चमक

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भारतीय गेंदबाज़ों की बात करें तो मोहम्मद शमी सबसे सफल रहे हैं. शमी ने 4 मैच खेले हैं और 12 विकेट चटकाए हैं.

इसके अलावा आर अश्विन ने 5 मैचों में 11 विकेट, मोहित शर्मा, उमेश यादव और रविंद्र जडेजा ने 5 मैचों में सात-सात विकेट चटकाए हैं.

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विश्व कप के इतिहास में भारत के अलावा सिर्फ़ दक्षिण अफ्रीका ही इकलौती टीम है जिसने 2011 विश्व कप में अपने लगातार छह मैचों में विपक्षी टीमों का ऑल आउट किया था.

हालाँकि दिलचस्प बात ये है कि पूल ए की चोटी की टीम न्यूज़ीलैंड भी अपने सभी पाँचों मैच जीत चुकी है और उसने भी सभी विपक्षी टीमों को ऑल आउट किया है.

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