टीम इंडिया फ़ैंस का डर है ऑस्ट्रेलिया को?

भारत का झंडा लिए लड़की, भारतीय क्रिकेट फैंस, ऑस्ट्रेलिया इमेज कॉपीरइट Getty

सिडनी में गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले क्रिकेट विश्व कप सेमीफ़ाइनल में दर्शकों का भी बड़ा योगदान हो सकता है. उम्मीद यही है कि मैदान में भारतीय टीम समर्थक ऑस्ट्रेलियाई समर्थकों से कहीं ज़्यादा तादाद में होंगे और ये बात माइकल क्लार्क भी समझ रहे हैं.

इसी वजह से शायद चंद दिन पहले क्लार्क और डेविड वार्नर ने एक जैसे ट्वीट किए और लिखा, "मैं सभी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट प्रेमियों से कहता हूँ कि वे सिडनी क्रिकेट मैदान को पीला रंग दें. हमें आपका समर्थन चाहिए ".

वजह यही है कि इस विश्व कप में जब-जब भारत के मैच हुए हैं उसके समर्थकों ने टीम की नीली जर्सी में स्टेडियमों की तरफ़ कूच किया है.

पहले ही ख़रीदने लगे टिकट

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हज़ारों की तादाद में भारतीय समर्थक अपनी टीम की हर गेंद या हर शॉट पर जब तालियाँ बजाते हैं तो ज़ाहिर तौर पर विपक्षी टीम इस दबाव से अछूती नहीं रह सकती.

स्थानीय लोगों का कहना है कि भारत ने जैसे ही क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और उसका मैच बांग्लादेश से होना तय हुआ भारतीय समर्थकों ने सिडनी सेमीफ़ाइनल के टिकट खरीदने शुरू कर दिए थे.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 42 हज़ार दर्शकों के बैठने का इंतज़ाम है और ऐसा अनुमान है कि इनमें से 65 प्रतिशत भारतीय समर्थक हो सकते हैं.

यानी मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को अपने ही देश में कोलकता के ईडन गार्डन्स या मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलने के दबाव झेलना पड़ सकता है.

बुधवार को मैच से पहली अपनी प्रेस वार्ता में कप्तान क्लार्क ने भी इस पर हामी भरी, "इसमें दिमाग़ लगाने वाली कोई बात ही नहीं कि भारत के पास मैदान में ज़्यादा समर्थन होगा."

हालांकि माइकल क्लार्क ने भारतीय प्रशंसकों की अपनी टीम को लेकर बेहतरीन खेल भावना का भी उल्लेख किया.

विरोधियों पर दबाव

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इस विश्व कप में भारत ने जितने भी मैच खेले हैं उन्हें अप्रत्याशित समर्थन मिला है जबकि विरोधी टीमों को इसके दबाव का सामना करना पड़ा.

मेलबर्न स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ हुए ग्रुप मैच में 86 हज़ार समर्थकों में से करीब 76 हज़ार भारतीय टीम जर्सी में थे.

दक्षिण अफ्रीका जब भारत के बनाए स्कोर का पीछा करने उतरी तो ज़बरदस्त दबाव में उसकी पारी जो लड़खड़ाई तो संभल ही नहीं सकी.

हालांकि इसके पीछे का श्रेय भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों को जाता है लेकिन अगर हज़ारों समर्थक आपके हर क़दम का समर्थन कर रहे हों तब आप के अंदर भी एक नई ऊर्जा आ जाती है.

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Image caption ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान माइकल क्लार्क ने भारतीय फैंस की तारीफ़ की.

अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि भारत का समर्थन करने लोग कनाडा, ब्रिटेन और सिंगापुर तक से आए हैं.

मैनचेस्टर, ब्रिटेन से आईं उषा ने कहा, "हम जीत के लिए आए हैं और जीत के जाएंगे".

भारतीय टीम को भी इस बात का बखूबी एहसास है और खुद कप्तान धोनी भी पिछले मैच में समर्थकों से बड़ी तादाद में आने को कह चुके हैं.

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