'लड़कियां अपने आप पर भी भरोसा करें'

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"हमारे सामने इस हफ़्ते कई कठिन क्षण आए जब हमें सुपर-टाईब्रेकर में खेलना पड़ा, लेकिन एक-दूसरे पर विश्वास हमारे काम आया." यह कहना है भारत की स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा का.

बीते रविवार को महिला युगल वर्ग में दुनिया की नम्बर एक खिलाड़ी बनने के बाद सानिया ने बीबीसी से ख़ास बातचीत की.

सानिया मिर्ज़ा ने स्विटज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर खेलते हुए डब्लूटीए फ़ैमिली सर्कल कप का महिला युगल का ख़िताब अपने नाम किया. इसके साथ ही उन्हें 470 रेटिंग अंक मिले और उनके कुल अंक 7965 हो गए.

वहीं सारा इरानी और रॉबर्टा विंची के समान रूप से 7640 अंक हैं, लिहाज़ा सानिया मिर्ज़ा नंबर एक पर आ गईं. सानिया यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं.

सोचा न था

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Image caption मार्टिना हिंगिस और सानिया मिर्ज़ा(दाएँ).

सानिया मिर्ज़ा ने माना कि इस साल उनके पास हज़ारों अंक थे, लेकिन एक टूर्नामेंट जीतने के साथ ही वह दुनिया की नंबर एक महिला डबल खिलाड़ी बन जाएंगी वह भी इतनी जल्दी, ऐसा उन्होंने सोचा नहीं था.

मार्टिना हिंगिस के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर उन्होंने कहा कि एक टीम के रूप में एक-दूसरे को जानने में लंबा समय लगता है. हम पहले दोस्त की तरह नहीं थे, और जब आपस में खेले एक प्रतिद्वंद्वी की तरह खेले. लेकिन बीते कुछ सप्ताह में मुझे हिंगिस के बारे में जानने के अधिक अवसर मिले. वa लाजवाब हैं. उन्होंने मेरी क्षमताओं को पहचानकर मेरी मदद की. यह अच्छा है कि हम ख़ुद पर भरोसा करते हैं लेकिन एक दूसरे पर भरोसा करना ऐसी केमिस्ट्री है जो आपको आगे ले जाती है.

सानिया मिर्ज़ा और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने पिछले दिनों लगातार तीन टूर्नामेंट अपने नाम किया है. सानिया मिर्ज़ा मानती हैं कि ऐसा उनके जीवन में इससे पहले कभी नहीं हुआ.

महिलाओं की भागीदारी

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सानिया मिर्ज़ा की तमन्ना है कि भारत में महिलाएं खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी करें.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि अब भारत में लड़कियां खेल सकती हैं और इसे करियर के तौर पर अपना भी सकती हैं.

सानिया मिर्ज़ा महसूस करती हैं कि भारत में टेनिस जैसे खेल में अधिक से अधिक महिलाएं आगे आएंगी. उनका कहना हैं कि लोग सोच भी नहीं सकते हैं कि कैसे लड़के और लड़कियां इस स्तर पर कड़ी चुनौती देते हैं.

सानिया मिर्ज़ा ने माना कि वह टेनिस से प्यार करती हैं क्योंकि यह विश्व स्तर पर खेले जाना वाला खेल है. उन्हें उम्मीद है कि उनकी कामयाबी से उन लोगों तक संदेश जाएगा जो अपनी लड़कियों पर भरोसा नहीं करते.

ख़ुद पर करें भरोसा

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Image caption सानिया मिर्ज़ा और मार्टिना हिंगिस.

सानिया ने युवा लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि आप अपने आप पर भी भरोसा करें.

कुछ समय पहले सानिया ख़ुद चोटों का सामना कर रही थीं, लेकिन उन सबसे उबरकर वह अब दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन गई हैं.

उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ही भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है.

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