मेवैदर ने जीता सबसे महंगा बॉक्सिंग मुक़ाबला

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अमरीका के फ़्लॉएड मेवैदर ने फ़िलिपींस के मैनी पैकियाओ को हराकर सबसे महंगा बॉक्सिंग मुक़ाबला जीत लिया और इसके साथ ही रिंग पर अपना अपराजेय क्रम बरकरार रखा.

मेवैदर ने डब्ल्यूबीसी और डब्ल्यूबीए वेल्टरवेट ख़िताब बरक़रार रखे और पैकियाओ से डब्ल्यूबीओ बेल्ट छीन ली.

मेवैदर की 48 मुक़बलों में यह 48वीं जीत है. उन्हें जजों ने 118-110, 116-112 और 116-112 अंक दिए.

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अमरीका के लास वेगस में एमजीएम ग्रैंड गार्डन एरीना में हुए इस महामुकाबले को देखने के लिए कुछ दर्शकों ने तीन लाख 65 हज़ार डॉलर में टिकट खरीदी थी.

मेवैदर हावी

16000 हजार दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में 38 वर्षीय मेवैदर ने रिंग पर गजब की चपलता दिखाते हुए पैकियाओ को हावी होने का मौका नहीं दिया.

अमरीकी मुक्केबाज़ ने पहले तीन राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 की बढ़त बनाई.

36 साल के पैकियाओ ने अगले दो राउंड जीतकर मुक़ाबले को रोमांचक बना दिया. लेकिन मेवैदर ने फिर वापसी करते हुए छठा और सातवां राउंड जीतकर अपनी बढ़त को 5-2 पहुंचा और फिर मुक़ाबला जीतकर ही दम लिया.

सितंबर में मेवैदर और पैकियाओ के बीच फिर मुक़ाबला होगा.

सबसे महंगा मुक़ाबला

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बॉक्सिंग के 125 साल पुराने इतिहास का सबसे मंहगा मुक़ाबला था और इसे “फ़ाइट ऑफ़ द सेंचुरी” यानी सदी का सबसे बड़ा मुक़ाबला कहा जा रहा था.

इस मुक़ाबले को देखने के लिए कई जानी मानी हस्तियां और खिलाड़ी मौजूद थे और इस आयोजन से 40 करोड़ डॉलर की कमाई होने की उम्मीद है.

दुनिया के कई देशों में इसे लेकर ख़ासा उत्साह था. सोशल मीडिया में इस मुक़ाबले को लेकर लोगों में रोमांच चरम पर था.

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दुनिया का सबसे महंगा बॉक्सिंग मुक़ाबला

हैशटैग मैकपैक काफ़ी तेजी से ट्रेंड कर रहा था और सबसे ऊपर चल रहा था.

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पैकियाओ जीत को लेकर आश्वस्त

सांसद पैकियाओ

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ब्रिटिश मुक्केबाज़ आमिर ख़ान भी एमजीएम एरीना स्टेडियम में दर्शकों के बीच मौजूद थे.

मुक़ाबले से पहले फिलीपींस और अमरीका का राष्ट्रगान हुआ. अमरीका का राष्ट्रगान हालीवुड अभिनेता और सिंगर जेम्स फॉक्स ने गाया.

पैकियाओ के देश फ़िलिपींस में इस मुक़ाबले को लेकर ख़ासा उत्साह था.

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लोग अपने घरों, स्टेडियमों, होटलों, बारों और सड़कों पर टीवी सेटों से चिपके रहे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी.

पैकियाओ ने 1998 में 16 साल की उम्र में पेशेवर मुक्केबाज़ी की दुनिया में क़दम रखा था.

वह अपने देश में बेहद लोकप्रिय हैं. उन्हें 2010 में पहली बार सांसद बने थे और 2013 में उन्हें दोबारा चुना गया.

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