धोनी मामले में डालमिया का स्पष्टीकरण

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा है कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े सवाल के उनके जवाब को मीडिया ने ग़लत तरीके से पेश किया है.

दरअसल, मीडिया में ख़बरें आईं थीं कि बीसीसीआई ने धोनी के ख़िलाफ़ कथित ‘हितों के टकराव’ मामले की जाँच शुरू कर दी है.

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ख़बरों में कहा गया था कि बीसीसीआई ने एक जांच कमेटी बनाई है जो रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में धोनी की भूमिका की जांच करेगी.

लेकिन डालमिया ने बाद में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया है.

'हितों का टकराव'

डालमिया ने कहा कि उनसे जब धोनी के रिति स्पोर्ट्स के साथ जुड़े होने संबंधी सवाल पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ़ ये कहा था कि वे चाहते हैं कि इस मामले में बीसीसीआई का 2013 का फ़ैसला लागू हो.

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डालमिया ने कहा कि 28 जुलाई 2013 को कोलकाता में बोर्ड कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा था कि ऐसे सभी खिलाड़ियों को, जिनका किसी स्पोर्ट्स कंपनी से किसी भी तरह का नाता है, उन सभी को इसकी सार्वजनिक घोषणा करनी चाहिए.

रिति स्पोर्ट्स धोनी के दोस्त और पूर्व क्रिकेटर अरुण पांडे की कंपनी है. इस कंपनी में धोनी की हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठे थे.

हालाँकि अरुण पांडे ने अप्रैल 2013 में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि धोनी की इसमें कोई हिस्सेदारी नहीं है.

रिति स्पोर्ट्स धोनी के अलावा सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा, प्रज्ञान ओझा, भुवनेश्वर कुमार समेत कई विदेशी खिलाड़ियों के वित्तीय मामले भी देखती है. इसके अलावा आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स की मार्केटिंग गतिविधियों की जिम्मेदारी भी इसी के पास है.

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