'जजों ने वो किया जो बोर्ड को करना चाहिए था'

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आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति ने अहम फैसला सुनाते हुए चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल का बैन लगाने की सिफारिश की है.

इसके साथ ही समिति ने गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा को सट्टेबाजी में शामिल बताते हुए, उन पर आजीवन बैन लगाया है.

इस फ़ैसले का असल असर आने वाले दिनों में पता चलेगा लेकिन क्रिकेटर, एडमिनिस्ट्रेटर और क्रिकेट प्रेमी सभी इस फ़ैसले से स्तब्ध रह गए हैं.

क्रिकेट में लौटेगा भरोसा

फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व क्रिकेट संजय मांजरेकर ने कहा, “कुछ खिलाड़ियों पर बड़ी पेनल्टी लग सकती है, लेकिन इस खेल पर प्रशंसकों का पूरा भरोसा बनाने के लिए यह छोटी कीमत होगी.”

आईसीसी के चेयरमैन एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “मैं इस्तीफ़ा नहीं दे रहा हूँ, मैं अपराधी नहीं हूं.”

जस्टिस मुकुल मुदगुल ने कहा कि यह सज़ा बहुत कठोर है. छोटी अवधि में इसका आईपीएल पर बुरा असर पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में लोगों का आईपीएल पर भरोसा बढ़ेगा. क्रिकेट का खेल साफ होगा.

'पहला ईमानदार फ़ैसला'

एक यूज़र ने मनीष बांगा हैंडल से ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित

समिति का अच्छा फ़ैसला.....विश्वास तोड़ने के लिए वे इस सज़ा के हक़दार थे.”

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इस फैसले पर आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने ट्वीट किया, “भारतीय क्रिकेट पर पहला ईमानदार फैसला और यह बीसीसीआई से बाहर से आया है.”

एक यूज़र ने संबित बल हैंडल से ट्वीट किया, “जजों ने वो किया है जो बीसीसीआई को बहुत पहले कर लेना चाहिए था. यह बहुत बड़ा फ़ैसला है और सकारात्मक भी.”

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