फ़ॉर्मूला वन ड्राइवर जूल्स बियांकी की मौत

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फ़ॉर्मूला वन ड्राइवर जूल्स बियांकी का निधन हो गया.

25 साल के फ़्रांसीसी ड्राइवर को 2014 के जापानी ग्रां प्री के सुजुका सर्किट रेस के दौरान सिर पर चोट लगी थी, जिसके बाद से ही वे कोमा में थे. उनकी मौत नाइस शहर में उनके घर पर हुई.

'जूल्स ने अंत तक संघर्ष किया'

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Image caption हादसे के बाद घायल बियांकी को निकालते हुए लोग. (फ़ाइल फोटो)

बियांकी के परिवार ने एक बयान में कहा, “जूल्स ने हमेशा की तरह ही अंत तक संघर्ष किया, पर आज उस संघर्ष का अंत हो गया. हम जूल्स के सहकर्मियों, दोस्तों और फ़ैंस के प्रति शुक्रगुज़ार हैं, जिन्होंने उन्हें इतना स्नेह दिया.”

जूल्स बियांकी ने 2013 में फॉर्मूला वन में भाग लेना शुरू किया था. वे फ़रारी युवा ड्राइवर अकादमी में थे. वे टीम के टेस्ट ड्राइवर भी रह चुके थे.

एफ़आईए ने हादसे की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा था, “बियांकी ने अपने दोनों पैरों का इस्तेमाल करते हुए एक साथ ही थ्रॉटल और ब्रेक दबा दिए थे. यह सुरक्षा दिशा निर्देशों का उल्लंघन था. उनकी गाड़ी का अगला पहिया भी लॉक हो चुका था.”

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Image caption जूल्स बियांकी ने सुजुका सर्किट में इसी गाड़ी का इस्तेमाल किया था. (फ़ाइल फोटो)

ब्रिटिश ड्राइवर मैक्स च्लिटन ने ट्वीट किया, “जूल्स के परिवार और खेल जगत को कितना बड़ा नुक़सान हुआ है, यह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उन्हें जानने और उनके साथ रेस करने में हमें खुशी हुई थी.”

आंद्रे लोतरर ने लिखा, “हमने एक बड़ा जुझारू शख्स खो दिया.”

इससे पहले 1994 में ब्राज़ील के ड्राइवर अर्यटन सेना की मौत भी रेस के दौरान हुए हादसे में हो गई थी. सेना इटली के इमोला सर्किट में भाग ले रहे थे.

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