सानिया मिर्ज़ा बनीं खेल 'रत्न'

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बीते शनिवार की शाम राष्ट्रपति भवन में उन खिलाड़ियों और कोचों से गुलज़ार थीं, जिन्हें खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन तथा द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

इस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण बनी टेनिस में महिला युगल वर्ग में दुनिया की नम्बर एक खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा.

उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया. उनसे पहले टेनिस में केवल लिएंडर पेस को यह सम्मान मिला था.

सानिया मिर्ज़ा सोमवार से इस साल के आख़िरी ग्रैंड स्लैम अमरीकी ओपन में भी भाग लेंगी.

वह केवल इस पुरस्कार को लेने के लिए विशेष रूप से भारत रुकी हुई थीं.

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सानिया मिर्ज़ा ने अपनी इस उपलब्धि पर बीबीसी से ख़ास बातचीत करते हुए कहा कि, "यह पुरस्कार पाकर वो बेहद ख़ुश हैं और अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. उन्होंने सभी देशवासियों का शुक्रिया अदा कि उन्हे इस पुरस्कार के क़ाबिल समझा गया."

इन दिनों स्विट्ज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ अपनी जोड़ी को लेकर सानिया ने कहा कि उनका साथ स्पेशल है.

वह एक महान और चैंपियन खिलाड़ी हैं. सानिया ने उम्मीद जताई कि वह मार्टिना के साथ मिलकर और भी कामयाबी हासिल करेंगी.

बजरंग बने अर्जुन

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वहीं कुश्ती जगत में सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के बाद भारतीय कुश्ती की नई उम्मीद बजरंग को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

बजरंग इन दिनों विश्व कुश्ती चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं. बजरंग मानते हैं कि इस पुरस्कार से उनका हौसला बढ़ा है.

दीपा को अर्जुन पुरस्कार

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बीते ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में जिम्नास्ट में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास बनाने वाली दीपा कर्माकर भी अर्जुन पुरस्कार पाकर बेहद ख़ुश हैं ख़ासकर कम उम्र में ही.

दीपा मानती हैं कि इस पुरस्कार का सपना उन्होंने बचपन से ही देखा था. जिस स्पर्धा में वह जिम्नास्ट करती हैं उसे दुनिया में गिनी चुनी खिलाड़ी ही करती हैं.

इसे लेकर उनका कहना है कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है.

गोलकीपर पी श्रीजेश

बीते एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर पी श्रीजेश को भी अर्जुन पुरस्कार मिला है.

वह अपनी कामयाबी और अर्जुन पुरस्कार का श्रेय विनम्रता से पूरी टीम को देते हैं.

श्रीजेश को इस बात की बेहद तसल्ली है कि टीम ने रियो ओलंपिक के लिए जगह बना ली है.

पिछले साल चाइना ओपन में पुरूष एकल वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर तहलका मचाने वाले बैडमिंटन खिलाड़ी के श्रीकांत अर्जुन पुरस्कार पाकर कहते हैं कि अब उनकी ज़िम्मेदारी बढ़ गई है.

पहले कोई नही जानता था लेकिन अब सबकी नज़रें परिणाम पर रहती हैं. इसे वह आम खेल प्रेमियों की शुभकामना भी मानते हैं.

रोमियो जेम्स को ध्यानचंद

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कभी भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर रहे और पूर्व कोच रोमियो जेम्स को ध्यानचंद पुरस्कार मिला.

रोमियो जेम्स अपने समय से तुलना करते हुए कहते हैं कि आज हॉकी इंडिया लीग के आने से एक बार फिर लोगो की दिलचस्पी हॉकी में बढ़ी है, पैसा भी आया है, युवा खिलाड़ी भी अच्छा कर रहे हैं.

यह भारतीय हॉकी के लिए शुभ संकेत है. रोमियो जेम्स साल 1984 में लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भी खेल चुके हैं, जहां भारतीय हॉकी टीम पांचवें स्थान पर थी.

इस बार कुल मिलाकर 17 खिलाड़ियों को अर्जुन और पांच कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार मिला, जबकि तीन खिलाड़ियों को ध्यानचंद पुरस्कार मिला.

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