क्रिस केर्न्स ने फ़िक्सिंग से इनकार किया

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न्यूज़ीलैंड के पूर्व क्रिकेटर क्रिस केर्न्स ने ख़ुद पर लगे फ़िक्सिंग के आरोपों का खंडन किया है.

लंदन में आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान सबूत देते हुए उन्होंने कहा कि उनके ख़िलाफ़ फ़िक्सिंग के दावों में 'कोई सच्चाई नहीं है'.

45 वर्षीय केर्न्स पर झूठे साक्ष्य पेश करने और न्याय में बाधा पहुँचाने के आरोप हैं.

उन्होंने अब मैच फ़िक्सिंग के बारे में सोचने तक से इनकार कर दिया है.

2012 में एक मुक़दमे की सुनवाई के दौरान उन्होंने क़सम खाकर कहा था कि उन्होंने कभी धोखाधड़ी नहीं की है.

इंग्लैंड में ये अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी ट्वीट को लेकर मुक़दमा हुआ था और उसमें केर्न्स को हर्जाने के रूप में एक लाख तीस हज़ार डॉलर की राशि दिए जाने का फ़ैसला सुनाया गया था.

इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने जनवरी 2010 में एक ट्वीट में कहा था कि केर्न्स ने 2008 में इंडियन क्रिकेट लीग में चंडीगढ़ लायंस की ओर से खेलते हुए मैच फ़िक्सिंग की थी.

मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जब वकील ने केर्न्स से पूछा कि क्या उन्होंने कभी मैच फ़िक्सिंग की है तो उन्होंने मैच फ़िक्सिंग करने से इनकार कर दिया.

फिर वकील ने पूछा कि क्या आपने कभी मैच फ़िक्सिंग पर विचार किया.

इस सवाल के जवाब में केर्न्स ने कहा कि उन्होंने कभी भी मैच फ़िक्सिंग करने पर विचार नहीं किया.

केर्न्स ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने पूर्व सह-खिलाड़ियों को मैच फ़िक्सिंग में शामिल होने के लिए नहीं कहा था.

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