नागपुर: पहली पारी में 215 रन पर सिमटा भारत

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नागपुर में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारत ने पहली पारी में सभी विकेट गंवाकर 215 रन बनाए जबकि खेल ख़त्म होने तक द अफ़्रीका ने दो विकेट खोकर 11 रन बना लिए हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के साइमन हार्मर ने 78 रन देकर चार विकेट लिए.

पहली पारी में भारत के मुरली विजय ने सबसे ज़्यादा 40 रन बनाए.

मोर्न मोर्केल ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ों के टॉप ऑर्डर का सफाया कर दिया और फिर से अपना लोहा मनवाया.

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वहीं भारतीय गेंदबाज़ रविंद्र जडेजा और अश्विन ने दक्षिण अफ़्रीकी पारी की शुरुआत में विकेट लिए.

रविंद्र जडेजा ने दक्षिण अफ़्रीका के नाइट वॉचमैन कहे जाने वाले इम्रान ताहिर को क्लीन बोल्ड किया.

नागपुर टेस्ट के अब तक के खेल की ख़ास बात ये रही कि पहले दिन के खेल में दोनों टीमों ने सिर्फ 226 रन बनाए और 12 विकेट गिरे.

भारतीय पारी में एक वक्त ऐसा आया कि भारत के डेढ़ सौ रन से पहले ही पांच विकेट गिर गए.

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भारतीय क्रिकेट टीम चार टेस्ट मैचों की मौजूदा सिरीज़ में पहले ही 1-0 से आगे है. ऐसे में, भारत नागपुर टेस्ट मैच जीतकर सिरीज़ को अपने नाम करने की कोशिश करेगा.

नागपुर में भारत के मुक़ाबले दक्षिण अफ़्रीकी टीम बेहद दबाव में है. टेस्ट क्रिकेट में उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है.

दक्षिण अफ़्रीकी टीम पिछली 14 में से 10 टेस्ट सिरीज़ अपने नाम कर चुकी है. पिछले नौ साल से तो उसने विदेशी ज़मीन पर कोई टेस्ट सिरीज़ नही गंवाई है.

यहां तक कि भारत भी अपनी ही ज़मीन पर साल 2004-05 के बाद से दक्षिण अफ़्रीका से टेस्ट सिरीज़ नहीं जीता है. तब भारत ने दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ 1-0 से अपने नाम की थी.

इसके बाद साल 2007-08 में तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ 1-1 से बराबर रही. साल 2009-10 में भी तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ 1-1 से बराबर रही.

भारत ने पहला टेस्ट मैच तीसरे ही दिन 108 रनों से अपने नाम किया.

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इसके बाद बंगलुरू में दूसरे टेस्ट मैच में केवल पहले दिन का खेल हुआ. दक्षिण अफ़्रीकी टीम पहली पारी में केवल 214 रन बना सकी.

जवाब में भारत ने बिना किसी नुक़सान के 80 रन बनाए.

शिखर धवन ने नाबाद 45 रन बनाकर अपनी खोई हुई फ़ॉर्म हासिल कर ली. इससे पहले वह मोहाली में दोनों पारियों में अपना खाता तक नहीं खोल सके थे.

उनके फॉर्म में आने से कप्तान विराट कोहली की चिंता भी दूर हुई है.

शिखर धवन एक बार जमने के बाद बड़ी पारी खेलने में माहिर हैं. दूसरे सलामी बल्लेबाज़ मुरली विजय तो अपने क्रिकेट करियर के शिखर पर कहे जा सकते हैं.

मोहाली में उन्होंने पहली पारी में 75 और दूसरी पारी में 47 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.

चेतेश्वर पुजारा ने भी मोहाली में पहली पारी में 31 और दूसरी पारी में 77 रन बनाकर अपना धैर्य दिखाया.

दरअसल जिस विकेट पर पहले ओवर से ही गेंद स्पिन ले रही हो वहां रन बनाना आसान नहीं होता.

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एक तो टर्निंग विकेट और दूसरा भारतीय स्पिनरों आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की गेंदों से अफ़्रीकी बल्लेबाज़ ऐसे घबराए कि एबी डिविलियर्स को छोड़कर कोई बड़ी पारी नहीं खेल सका.

अब अकेला चना तो भाड़ नहीं फोड़ सकता.

कप्तान हाशिम अमला जिस तरह आउट हो रहे हैं उससे अफ़्रीकी टीम की समस्याएं और भी बढ़ गई हैं.

रही-सही कसर तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन और वर्नोन फिलैंडर के चोटिल होने से पूरी हो गई. अफ़्रीकी टीम के पास एकमात्र तुरुप का इक्का लैग स्पिनर इमरान ताहिर हैं.

इस सिरीज़ में अभी तक भारतीय स्पिनरों के दबदबे का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता हैं कि उन्होंने 30 में से 27 विकेट लिए हैं.

इनमें से आर अश्विन और रविंद्र जडेजा ने 12-12 विकेट झटके हैं.

ऐसे में, नागपुर में भी दक्षिण अफ़्रीका को भारतीय स्पिनरों के शिकंजे से निकलने के लिए नाको चने चबाने पड़ेंगे.

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