विराट जीत का स्वाद पिच की किचकिच से फीका

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पिछले दिनों नागपुर में दो बड़ी बातें हुई. पहली, भारत ने 11 साल बाद दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम को हराया और दूसरी दक्षिण अफ़्रीका की टीम नौ साल बाद विदेश में हारी है.

इससे पहले भारत ने साल 2004-05 में अपनी ही ज़मीन पर दक्षिण अफ़्रीका को दो टेस्ट मैच की सिरीज़ में 1-0 से हराया था.

लेकिन विराट कोहली एंड कंपनी की इस जीत पर चर्चा खेल जगत में कुछ ही मिनटों में सिमट गई और बहस में छा गया 22 गज का 'मनमाफ़िक़' टुकड़ा.

तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने दक्षिण अफ़्रीका को तीसरे ही दिन 124 रन से मात दी.

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पिच को लेकर खिलाड़ियों और क्रिकेट के जानकारों का ख़ेमा भी दो हिस्सों में बंट गया है. कुछ का कहना है कि सभी टीमें घरेलू सिरीज़ के लिए अपने माफ़िक़ पिच तैयार कराती हैं.

भारतीय टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री ने क्रिकइंफो से कहा कि इसमें कुछ भी ग़लत नही हैं. पिच दोनों टीमों के लिए एक जैसी थीं. उन्होंने कहा कि आपको शिकायतें बंद कर अपने काम पर ध्यान देना चाहिए.

यहां तक कि नागपुर टेस्ट मैच शुरू होने से पहले पिच रिपोर्ट देते समय भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी कहा थी कि इस पिच पर चेहरे पर पड़ने वाली जैसी झुर्रिया हैं. इसे कोल्ड क्रीम लगाने की ज़रूरत है.

लेकिन दूसरे लोगों की दलील है कि ऐसी पिचों से घरेलू मैदानों पर जीत तो मिल जाएगी, लेकिन फिर विदेशी पिचों पर भारतीयों का घुटने टेकना भी तय है.

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इससे पहले, भारतीय अंडर-19 के कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी कह चुके हैं कि इन दिनों तो घरेलू क्रिकेट में भी बेहद ख़राब विकेट बनाए जा रहे हैं.

रणजी ट्रॉफी के पांच मैच दो दिन में ही समाप्त हो गए. यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. यह पैसे, समय और ऊर्जा की बर्बादी है.

सुनील गावस्कर ने भी राहुल द्रविड़ की बात का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैच में भले ही ऐसे विकेट दिए जाएं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों को समान रूप से मदद देने वाले विकेट मिलने चाहिए.

क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन ने बीबीसी से कहा कि यह सही है कि विकेट ख़राब थे, क्योंकि पहले ही दिन अगर इतनी बुरी तरह से बल्लेबाज़ आउट हों, और तीन दिन में मैच समाप्त हो जाए.

उनका कहना है कि घरेलू लाभ मिलना ही चाहिए. लेकिन गेंद और बल्ले के बीच अच्छा संघर्ष भी होना चाहिए. आखिरकार जो दर्शक पैसा देकर मैच देखने आता है उसे उसकी क़ीमत तो मिले.

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वैसे भारतीय स्पिनर्स ने अभी तक अफ़्रीका की पांच पारियों में गिरे 50 में से 47 विकेट अपने नाम किए हैं.

इनमें से आर अश्विन ने 24, रविंद्र जडेजा ने 16 और अमित मिश्र ने दो टेस्ट मैच में सात विकेट लिए हैं.

बल्लेबाज़ी का आलम यह है कि अभी तक इस सिरीज़ के तीन मैचों में केवल चार अर्धशतक ही लगे हैं.

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एबी डिविलियर्स ने मोहाली में 63 और बेंगलूरु में 85 रन बनाए. भारत के मुरली विजय ने मोहाली में 75 और चेतेश्वर पुजारा ने 77 रन की पारी खेली.

नागपुर में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में भारत ने 215 रन बनाए जो अभी तक का सर्वाधिक स्कोर है.

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