पाकिस्तान का हिंदू क्रिकेटर पैसे को मोहताज

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पाकिस्तान के लिए 276 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाला एकमात्र स्पिनर दानिश कनेरिया आज पैसे-पैसे को मोहताज है.

एक ज़माना था, जब पाकिस्तानी टीम का एकमात्र हिंदू खिलाड़ी दानिश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सितारा हुआ करता था और दूसरे कामयाब क्रिकेटरों की तरह पैसे वाला था, लेकिन आज वह पाई-पाई के लिए परेशान है.

स्पॉट फ़िक्सिंग के इल्ज़ाम झेल रहे दानिश पर आजीवन प्रतिबंध है, जिसके कारण उनका फलता-फूलता करियर कुछ साल पहले अचानक ख़त्म हो गया.

36 साल के दानिश का कहना है कि उन्हें चाहने वालों का तो प्यार मिला है, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है.

दरअसल साल 2012 में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड या ईसीबी ने दानिश कनेरिया पर एसेक्स काउंटी के अपने साथियों को कथित तौर पर स्पॉट फ़िक्सिंग के लिए लुभाने का आरोप लगाते हुए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया.

कनेरिया इन आरोपों से इनकार करते हैं.

आर्थिक परेशानी

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दानिश ने ब्रिटेन में दो बार इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील की, पर दोनों बार उनकी अपील ख़ारिज हो गई. अब ईसीबी ने सिंध की अदालत में याचिका दायर की है कि दानिश कनेरिया की संपत्ति बेचकर उन खर्चों की भरपाई की जाए, जो इस मामले में ईसीबी को खर्च करने पड़े हैं.

जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में सज़ा काट चुके मोहम्मद आमिर, सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ़ के लिए क्रिकेट में राहें खुलने लगीं तो उन्हें खुद के लिए भी उम्मीद जगी. वक़्त बीता, लेकिन दानिश कनेरिया की राहें आसान न हुईं और आज वह आर्थिक परेशानियों से गुज़र रहे हैं.

वह कहते हैं, “मैं चार साल से एक पैसा भी नहीं कमा रहा हूँ. जो पैसे मैंने काउंटी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से कमाए थे, वो ब्रिटेन में क़ानूनी खर्चों में लग गया. मैं सारा ख़र्च ख़ुद दे रहा था.”

क्या उनका मामला, मोहम्मद आमिर, सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ़ के मामले से अलग था. अगर हां, तो फिर वो खुद दोनों मामलों को कैसे देखते हैं.

वह बताते हैं, “ये तीन लड़के रंगे हाथों पकड़े गए थे. ये लोग पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. इन पर आरोप साबित हुए. उन्हें जेल जाना पड़ा. मेरा मामला घरेलू क्रिकेट का था. मेरे ऊपर आजीवन प्रतिबंध धारणाओं के आधार पर लगा.”

'अंतरराष्ट्रीय मामला'

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उधर, बीबीसी से बातचीत में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मीडिया डायरेक्टर अमजद हुसैन ने बताया कि दानिश कनेरिया अनुबंधित खिलाड़ी नहीं हैं.

अमजद हुसैन के अनुसार दानिश कनेरिया पर लगा आरोप मोहम्मद आमिर, सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ़ पर लगे आरोपों से कई मायनों में और आकार में अलग है.

उन्होंने कहा कि दानिश कनेरिया पर ईसीबी ने प्रतिबंध लगाया था और यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है.

खेल पत्रकार प्रदीप मैग़जीन कहते हैं, ''मोहम्मद आमिर 18-19 साल के थे, इस कारण अदालत ने सोचा हो कि इन्हें ज़्यादा सज़ा नहीं दी जानी चाहिए. जहां तक मैं समझता हूँ दानिश कनेरिया के ख़िलाफ़ पहले भी बहुत शिकायतें थीं.”

लेकिन दानिश कनेरिया विभिन्न क्रिकेट बोर्डों की मदद चाहते हैं.

उन्होंने बताया, “कोई भी बोर्ड में मेरे मामले को देखे और इन मामलों से मुझे निकाले क्योंकि यह मेरी आजीविका है. आईसीसी मुझे बुलाए तो सही. मैं उनके सामने आने को तैयार हूँ.”

दानिश कनेरिया का कहना है कि वह अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को हटवाने की कोशिश करते रहेंगे लेकिन आने वाले दिन उनके लिए आसान नहीं होंगे.

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