'बहुत पतली डोर पर खड़े थे युवराज'

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टी-20 के अंतिम ओवर में भारत को 17 रन चाहिए थे और स्ट्राइक युवराज सिंह के पास थी.

युवराज 9 गेंदों पर सिर्फ़ 5 रन बनाकर खेल रहे थे. लेकिन अंतिम ओवर की पहली दो गेंदों पर युवराज ने वो किया जिसके लिए वो जाने जाते हैं.

उन्होंने पहली गेंद पर चौका और दूसरी पर शानदार छक्का जड़ा और बाई लेकर स्ट्राइक रैना को दे दी. रैना ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर भारत को मैच जिता दिया.

बल्लेबाज़ी के लिए उतरते ही युवराज ट्विटर पर ट्रेंड में आ गए थे और पारी ख़त्म होने तक शीर्ष पर ट्रेंड करने लगे.

#yuvi के साथ दो घंटे के भीतर 25 हज़ार से ज़्यादा ट्वीट किए गए. हम यहां कुछ चुनिंदा ट्वीट प्रस्तुत कर रहे हैं.

कॉमेडियन तन्मय भट्ट (@thetanmay) ने ट्वीट किया, "कैसे हम भूल गए कि ये वही बंदा है जिसने एक ओवर में छह छक्के लगाए, कैंसर को हराया और वर्ल्ड कप जिताया था. माफ़ करो युवराज सर."

पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (@sanjaymanjrekar) ने लिखा, "हीरो और विलेन बनने के बीच में युवराज सिंह के लिए बेहद महीन रेखा था."

युवराज सिंह की मंगेतर हेज़ल कीच ‏(@hazelkeech) ने ट्वीट किया, "ये शायद सबसे ज़्यादा तनावपूर्ण और रिवॉर्डिंग पल था जो मैंने अब तक देखा है."

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ब्रोकन क्रिकेट (@BrokenCricket) हैंडल से ट्वीट किया गया, "आज के युवराज और रैना के जीत के जश्न ने 2011 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हुए क्वार्टर फ़ाइनल की याद दिला दी. तब युवराज ने विजयी रन बनाया था और आज रैना ने."

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारिक अकाउंट (@BCCI) से ट्वीट किया गया, "विराट के मुताबिक़ पारी को शानदार अंत तक पहुँचाने का श्रेय रैना और युवी को जाता है."

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी (@LalitKModi) ने ट्वीट किया, "ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में 3-0 से धोने के लिए टीम इंडिया को मुबारकबाद. युवराज को वापस एक्शन में देखकर अच्छा लगा. गो इंडिया गो."

ईसा गुहा (@isaguha) ने लिखा, "युवी मैच को रोमांचक बनाना चाह रहे थे. इतने बड़े विश्व आयोजन से पहले ये उनके लिए बेहद अहम पारी है."

मेरिन कुमार (@merin_kumar) ने ट्वीट किया, "युवराज ने नफ़रत करने वालों को भगा दिया. अब वो कहीं दिख नहीं रहे हैं."

जूनो (@journojuno) ने ट्वीट किया, "दबाव में अंतिम ओवर में युवराज का वो छक्का और चौका साबित करता है कि वर्ल्ड क्लास क्रिकेट का उनका जादू अभी ख़त्म नहीं हुआ है. वेल डन."

प्रकाश चौदेकर ने बीबीसी फ़ेसबुक पन्ने पर टिप्पणी की, "पाँच बजकर सात मिनट- युवराज को संन्यास ले लेना चाहिए. पाँच बजकर दस मिनट युवराज महान हैं. दो मिनट के अंदर इस बंदे ने हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक की राय बदल दी."

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