टी-20 स्पेशलिस्ट नेगी और चेन्नई कनेक्शन

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दिल्ली के 23 साल के पवन नेगी वर्ल्ड टी-20 के लिए भारतीय टीम का सरप्राइज़ चेहरा हैं.

वे टीम का इकलौता नया चेहरा भी हैं, लेकिन उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ के लिए पहले ही चुना जा चुका है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका डेब्यू होना अभी बाक़ी है.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उभरता है कि दिल्ली के इस युवा चेहरे में ऐसा ख़ास क्या है, जिसके चलते उन्हें वर्ल्ड टी-20 जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने का मौक़ा मिलने वाला है.

दिल्ली की टीम में उनके साथी खिलाड़ी उन्मुक्त चंद ठाकुर ने बीबीसी को बताया, “पवन की सबसे बड़ी ख़ासियत है, वह दबाव के पलों में खुद पर गजब का नियंत्रण रखता है. मैच में दबाव जितना बढ़ता है, वह उतना ही कूल दिखने लगता है. यह बहुत बड़ी बात है.”

दिलचस्प संयोग यह है कि नेगी की इस कूलनेस में टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अहम योगदान रहा है.

पिछले दिनों बीसीसीआई टीवी को दिए गए इंटरव्यू में पवन नेगी ने कहा था, “मैच सिचुएशन को समझने और उसके मुताबिक़ खेलने का नज़रिया विकसित करना मैंने धोनी से सीखा है.”

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दरअसल, यहीं वह पहलू नजर आता है जिसके चलते नेगी वर्ल्ड टी-20 तक पहुंचे हैं. दरअसल, नेगी को आईपीएल के 2015 सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलने का मौक़ा मिला. 10 मैचों में उन्हें विकेट तो छह ही मिले, लेकिन उन्होंने इन मैचों में 116 रन बनाए और उनकी स्ट्राइक रेट 150 के आसपास है.

बाएं हाथ के स्पिनर और बल्लेबाज़ के बतौर पवन नेगी कप्तान धोनी का भरोसा जीतने में कामयाब रहे. इसके बाद चैंपियंस लीग के फ़ाइनल में वे मैन ऑफ़ द मैच आंके गए.

उनकी पहचान टी-20 के स्पेशलिस्ट खिलाड़ी के तौर पर लगातार मज़बूत होती गई. उन्मुक्त चंद अपने साथी खिलाड़ी को बधाई देते हुए कहते हैं, “नेगी किसी भी टीम के लिए बेहद उपयोगी खिलाड़ी है और मुझे लगता है कि वह मौक़ा मिलने पर भारतीय टीम के लिए भी बेहतर प्रदर्शन करेगा.”

नेगी की एक बड़ी ख़ासियत यह भी है कि वे ज़ोरदार हिट लगाने वाले बल्लेबाज़ हैं और ज़रूरत पड़ने पर तेजी से रन बटोर सकते हैं.

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