धर्मशाला में भारत-पाक टी-20 पर विरोध के बादल

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टी20 विश्व कप में धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान के बीच अगले महीने होने वाले मुक़ाबले को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है.

पठानकोट और पांपोर चरमपंथी हमले में मारे गए भारतीय सैनिकों के परिजनों ने पाकिस्तान के साथ मैच के आयोजन पर कड़ा ऐतराज़ जताया है.

कार्यक्रम के अनुसार धर्मशाला में ये मैच 19 मार्च को आयोजित होना है. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने भी रविवार को इस मैच को किसी भी सूरत में नहीं होने देने की चेतावनी दी है.

उधर, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर ने बीबीसी से कहा, "मैच एक साल पहले निर्धारित हो गए थे. अब इस पर फ़ैसला सरकार को करना है. "

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ठाकुर ने कहा कि वो 2 मार्च तक इस मुद्दे पर कुछ नहीं कह पाएंगे.

हिमाचल भूतपूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष विजय सिंह मनकोटिया ने कहा, “पठानकोट एयरबेस और पांपोर हमले में मारे गए सैनिकों के परिजनों ने इस मैच के ख़िलाफ़ धरना देने का फ़ैसला किया है.”

मनकोटिया ने कहा कि परिजनों और पूर्व सैनिकों की भावनाओं को देखते हुए इस मैच को आयोजित नहीं करने की गुजारिश की गई है. इस बाबत प्रधानमंत्री, बीसीसीआई और हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखे गए हैं.

पठानकोट हमले में मारे गए सात सुरक्षाबलों में से एक जगदीश के चचेरे भाई डॉक्टर सतीश ठाकुर ने कहा, “ऐसे समय में पाकिस्तान ज़िदाबाद के नारे सुनना कष्टप्रद होगा जब भाई की यादें अब भी मेरे ज़हन में ताज़ा हैं.”

हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष ने कार्यकारी समिति की बैठक के बाद घोषणा की कि 'धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान का मैच नहीं होने दिया जाएगा और इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया जाएगा.'

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर इस मुद्दे पर उन्हें चरमपंथी हमलों में मारे गए सैन्य परिवारों की भावनाओं से अवगत कराया है.

टी 20 विश्व कप के लिए जब आईसीसी ने दो महीने पहले कार्यक्रम तय किया था तब राज्य सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री को अब ये आशंका सता रही है कि इससे क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और पूर्व सैनिक सरकार के ख़िलाफ़ जा सकते हैं.

सिर्फ़ कांग्रेस ही नहीं, भाजपा के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी मोदी और वीरभद्र को पत्र लिखकर इस मैच के आयोजन का विरोध किया है.

शांता कुमार ने कहा, “जब हम पाकिस्तान के साथ बातचीत रद्द कर सकते हैं तो हम एक क्रिकेट मैच क्यों नहीं रद्द कर सकते.”

कांग्रेस के एक मंत्री जीएस बल्ली ने भी चेतावनी दी है कि मैच रुकवाने के लिए वो 10 हज़ार लोगों के साथ प्रदर्शन करेंगे.

उधर, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के प्रवक्ता मोहित सूद ने कहा, “आईसीसी ने मैच पठानकोट या पांपोर घटनाओं से पहले तय कर दिया था.”

सूद ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक मैच के लिए पठानकोट, जालंधर, जम्मू और चंडीगढ़ के होटल ऊंची कीमतों पर बुक हुए हैं. यहाँ तक कि धर्मशाला स्टेडियम के सिर्फ़ 22,000 टिकटों के लिए वेबसाइट पर 1.38 लाख निवेदन आए हैं.

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