क्या गर्मी से परेशान हैं विदेशी खिलाड़ी?

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आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही राइज़िंग पुणे सुपरजॉएंटस अभी तक आठ में से छह मुक़ाबले हारकर सुपर फ़ोर की दौड़ से बाहर होती नज़र आ रही है, वहीं उनकी टीम के खिलाड़ियों का चोटिल होना लगातार जारी है.

दरअसल उनके बेहतरीन बल्लेबाज़ और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ कलाई में चोट के कारण आईपीएल के बाकी मैच नहीं खेल पाएंगे.

ऐसा नहीं है कि स्टीव स्मिथ अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं. पुणेे की टीम केविन पीटरसन, फॉफ डू प्लेसी और आलराउंडर मिचेल मार्श को भी चोट के कारण गंवा चुकी है.

इस बार आईपीएल में चोट की वजह से न खेलने वालों में लेंडल सिमंस, जॉन हेस्टिंग्स, सैमुअल बद्री, लसिथ मलिंगा, जोएल पेरिस और मिचेल स्टार्क भी शामिल हैं.

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तो क्या यह इन दिनों पड़ रही भयंकर गर्मी का असर है या लगातार क्रिकेट खेलने का.

क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन मानते हैं कि इस साल इतने अधिक खिलाड़ियों का चोटिल होने का कारण विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट का होना भी है, जो ठीक इससे पहले खेला गया.

लोग भले ही कहें कि केवल 20 ओवर का क्रिकेट है.लेकिन खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से अपना सब कुछ झोंकना पड़ता है. फुर्ती दिखानी पडती है, भागदौड़ करनी पडती है. इससे शरीर पर काफी दबाव बनता है.

विश्व कप की तैयारी बहुत दिनों से चल रही थी. ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दूसरी अंतराष्ट्रीय टीमों ने बहुत से मैच खेले.

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भारतीय खिलाड़ियों को देखें तो वे पिछले साल सितंबर-अक्तूबर में भारत में दक्षिण अफ्रीका से खेलने के बाद से लगातार खेल रहे हैं.

भारतीय खिलाड़ी गर्मी सहने के आदी हैं, शायद इसी वजह से वो टिके हुए हैं. लेकिन यह सच है कि विदेशी खिलाड़यों को इस वजह से बहुत दिक्कत हो रही है.

पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. आईपीएल में लगातार यात्रा करनी पड़ती है.

इससे एक सबक यह मिला है कि टी-20 विश्व कप को सीज़न की शुरुआत सितंबर-अक्तूबर में होनी चाहिए थी. इससे एक गैप मिलता, अब लगता है कि खिलाड़ी थके हुए हैं.

स्टीव स्मिथ पिछले एक सप्ताह से कलाई की चोट से परेशान थे.

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उनकी अहमियत का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होनें बीते रविवार को ही मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ 45 रनों की पारी खेली थी.

इसके अलावा उन्होंने गुजरात लायंस के ख़िलाफ़ अपने टी-20 करियर का पहला शतक जमाते हुए 101 रन बनाए थे. उन्होंने सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ 46 और कोलकाता नाइटराइडर्स के ख़िलाफ़ भी 31 रन बनाए थे.

ये सभी पारियां लगातार खेली गईं. इससे पता चलता है कि वह कितनी ज़बरदस्त फॉर्म में थे. ख़ैर अब जो होना था हो चुका है.

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