हवाई सफ़र में कई बार सीट पीछे क्यों नहीं जाती

Image caption हवाई सफर में हम कई बार सीट पीछे झुकाकर झपकी लेने की कोशिश करते हैं

हम जब हवाई सफ़र पर जाते हैं तो कई बार सीट पीछे झुकाकर, पैर फैलाकर कुछ देर के लिए झपकी लेने की कोशिश करते हैं.

लेकिन कई बार आप सीट पीछे झुकाना चाहते हैं पर वो पीछे नहीं जाती, अटक जाती है. आपको लगता है कि कुर्सी में कोई ख़राबी है. मगर होता ऐसा नहीं.

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आपके ठीक पीछे बैठा शख्स स्टेपलर जैसी एक चीज़ लगाकर आपकी सीट को पीछे आने से रोकता है. ऐसा करके या तो वो अपनी खाने की ट्रे पर रखकर कुछ खा रहा होता है. या फिर लैपटॉप पर काम कर रहा होता है.

वो आपकी सीट को पीछे आने से रोकने का इंतज़ाम करके बेफ़िक्र हो जाता है. और आप झपकी से महरूम हो जाते हैं.

सवाल उठता है कि ऐसे में आपको क्या करना चाहिए? इस सवाल का जवाब आपको शायद अच्छा न लगे.

साल 2014 में अमरीका के नेवार्क से डेनवर जा रहे यूनाइटेड एयरलाइंस के जहाज़ में इसी बात पर दो मुसाफ़िरों में ज़बरदस्त झगड़ा हुआ. फ्लाइट को डेनवर के बजाय दूसरी जगह उतारना पड़ा.

पीछे बैठा मुसाफ़िर, सामने वाले की सीट को पीछे झुकने से रोके हुए था. नाराज़ होकर आगे वाले यात्री ने उसके मुंह पर शराब फेंक दी. विमान को शिकागो में उताराकर दोनों को उतार दिया गया.

इस घटना के बाद 'नी डिफेंडर्स' यानी स्टेपलर जैसी चीज़ की बिक्री काफ़ी बढ़ गई थी.

हवाई सफ़र के दौरान ऐसा कई बार होता है, जब सीट पीछे करने या झुकाने को लेकर मुसाफ़िरों में झगड़ा हो जाता है. हर बार 'नी डिफेंडर' ही इसकी वजह नहीं बनते.

ब्रिटेन की थेस्की, एक फ्लाइट अटेंडेंट रही हैं. वो, 'बेटी इन द स्काई विद सूटकेस' के नाम से पॉडकास्ट भी करती हैं.

वे कहती हैं कि उन्होंने कई बार लोगों को हवाई सफ़र में कुछ इंच के लिए हंगामा और मार-पीट करते हुए देखा है. कई बार उन्हें ऐसे लोगों को समझाने के लिए प्यार का सहारा लेना पड़ा तो कई बार सख़्ती भी करनी पड़ी.

एयर सेफ्टी प्रोटोकॉल कहता है कि आप विमान के उड़ान भरने, उतरने और रनवे पर दौड़ने के दौरान सीट पीछे नहीं झुका सकते. क्योंकि अक्सर विमान हादसे इसी दौरान होते हैं. सीट झुकाने से मुसाफ़िर एलर्ट नहीं रहते. इसलिए उन्हें इस दौरान सीट झुकाने की इजाज़त नहीं दी जाती.

थेस्की कहती हैं कि सीट झुकाने की इस बहस को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि आप सीट को पूरी तरह पीछे झुकाने के बजाय सिर्फ़ आधी झुकाएं. और खाने के वक़्त आप सीट न झुकाएं.

इससे पीछे वाला भी परेशानी से बच जाएगा और आपके अधिकार में भी कोई दखल नहीं होगा.

जब भी सीट झुकाने की ज़रूरत आपको महसूस हो, बेहतर हो कि पीछे वाले यात्री से इसके लिए पूछ लें. ज़्यादातर मौक़ों पर आपको निराशा नहीं होगी. पीछे बैठे लोग हां ही कहते हैं. या तो वो ये कह सकते हैं कि कुछ काम कर रहे हैं, आप थोड़ी देर इंतज़ार कर लें.

कोई आपको सीधे मना कर दे, इसके आसार बेहद कम होते हैं.

आपको भी पीछे वाले मुसाफ़िर का खयाल रखना चाहिए. छोटी दूरी की उड़ान में कोशिश करें कि आप झपकी लेने के लिए सीट पीछे न करें. क्योंकि अक्सर इस दौरान लोग काम निपटाने में लगे होते हैं.

उन्हें लैपटॉप रखने के लिए सीट के सामने की जगह की ज़रूरत होती है. जब सफ़र के दौरान खाना परोसा जाए, बिल्कुल ही सीट पीछे न झुकाएं. बेहतर हो कि आप अपने इर्द-गिर्द नज़र दौड़ा लें. अगर हर कोई झपकी ले रहा है तो आप भी सीट आराम से पीछे खिसकाएं और एक झपकी ले लें.

ऐसा करने से पहले पीछे देख लें. अगर आपके पीछे कोई लंबा शख्स बैठा है, या कोई बच्चा बैठा है, तो आपके सीट पीछे धकेलने से उसे दिक़्क़त हो सकती है. इसलिए इस बात का ख़ास ख़याल रखें कि आपके पीछे कौन बैठा है.

बेटी बताती हैं कि उनके करियर के दौरान सिर्फ़ एक बार ऐसा हुआ था कि एक शख़्स ने पूछा था कि वो अपनी सीट आगे कैसे कर सकता है? असल में वो पीछे के मुसाफ़िर को आराम से पैर फैलाने देना चाहता था.

मगर ऐसा लाखों में कोई एक होता है.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी पर उपलब्ध है.)

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