मंगल ग्रह तक घूमने जाने की तैयारियां ज़ोरों पर

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Image caption मंगल ग्रह की सतह पर घूमता एक रोबोट.

अगर आप जोखिम भरे सैर-सपाटे के शौक़ीन हैं तो मंगल ग्रह आपके लिए एक बेहतरीन जगह है. धरती से क़रीब साढ़े पांच करोड़ किलोमीटर दूर मंगल ग्रह में वो कशिश है जो शायद ही किसी और जगह में हो.

हज़ारों सालों से इंसान मंगल ग्रह के ख़्वाब देखता रहा है. पहले की सभ्यताएं भी इस ग्रह के बारे में अटकलें लगाती रहीं हैं. पर अब शायद मंगल तक जाने का ख़्वाब पूरा हो जाए.

मंगल की सैर, आख़िर कैसे?

कारोबारी एलन मस्क ने अपनी कंपनी स्पेसएक्स के ज़रिए लोगों को 2022 तक मंगल ग्रह की सैर पर ले जाने का ख़्वाब दिखाया है. इसके लिए पहले यात्रियों को ख़ास ट्रेनिंग दिए जाने की बात कही गई है.

अब अगर इसके लिए आपकी जेब में 10 अरब डॉलर नहीं हुए, तो निराश होने की ज़रूरत नहीं. अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा, वर्चुअल दुनिया के ज़रिए आपको मंगल की सैर पर ले जाने की कोशिश कर रही है.

अब आप किसी भी तरह से मंगल पर पहुंचने में कामयाब रहे, तो यहां आपको बहुत सी नायाब जगहें और चीज़ें देखने को मिलेंगी.

मंगल ग्रह पर देखने लायक़ जगहें

यहां धूल के पहाड़ हैं, रेगिस्तान हैं, ज्वालामुखी हैं और गहरे गड्ढे हैं. यहां पूरे ग्रह पर धूल की ऐसी परत है, जैसे आपके चेहरे पर पाउडर पुत गया हो. यहां बारिश नहीं होती. लिहाज़ा मंगल पर एक नया ही मंज़र देखने को मिलेगा.

मंगल ग्रह से हमारी धरती एक बिंदु की मानिंद नज़र आती है. सूरज डूबने का जो मंज़र यहां देखने को मिलता है, वो शायद ही कहीं और देखने को मिले. सूर्य अस्त होने पर यहां आसमान पर लाली नहीं छाती बल्कि पूरा आसमान गहरा नीला हो जाता है.

हालांकि यहां आक्सीजन की कमी है. लेकिन यहां बर्फ़ीली झीलों पर आपको स्कीइंग करने पर यक़ीनन बहुत मज़ा आएगा.

मंगल ग्रह पर जो देखने लायक़ चीज़ें हैं. उनमें नंबर एक पर है, ओलिंपस मॉन्स. ये एक ज्वालामुखी है, जो 22 किलोमीटर ऊंचा है. ये हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी है. ये अभी सुप्त है या सक्रिय, ये तो नहीं पता. लेकिन जब ये सक्रिय रहा होगा, तो आसमान में तोप के गोले जैसी लपटें फेंकता रहा होगा.

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Image caption नंबर एक पर है, ओलिंपस मॉन्स.

मंगल पर जो दूसरी सबसे दिलचस्प चीज़ देखने लायक़ है, वो है वैल्स मैरीनेरिंस. मंगल की भूमध्य रेखा पर करीब चार हज़ार किलोमीटर लंबी ये घाटी कैसे बनी ये भी एक रहस्य है. वैज्ञानिक अभी इस बारे में अटकलें ही लगा रहे हैं.

मंगल ग्रह का वातावरण धरती की तुलना में बेहद कमज़ोर है. धरती से आसमान नीला इसलिए नज़र आता है क्योंकि यहां हवा में बुहत छोटे-छोटे कण होते हैं, जिसकी वजह से जब वातावरण से रोशनी गुज़रती है तो उसका रंग बदल जाता है. लेकिन मंगल ग्रह पर आसमान दिन में पीला सा नज़र आता है. और जब सूरज डूबने लगता है तो वायुमंडल की कमी की वजह से इसकी रौशनी नीली नज़र आने लगती है.

इसके अलावा मंगल पर खनिजों के टीले हैं, जो नीले, हरे और लाल रंग के हैं. ऐसे में जब सूरज की नीली रौशनी इसकी सतह पर पड़ती है तो बेहद दिलकश नज़ारा देखने को मिल सकता है.

...और मौसम की जानकारी

मंगल ग्रह पर औसतन तापमान शून्य से 56 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है. लेकिन अगर मंगल के भूमध्य रेखा पर आप रुकेंगे तो यहां का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस मिलेगा.

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Image caption मंगल ग्रह पर दिखने वाले रेत के टीले अद्वितीय हैं.

हल्की-हल्की हवा यहां हमेशा चलती रहती है. रात में थोड़ा कोहरा रहता है. लेकिन वायुमंडल की कमी और कार्बन डाई ऑक्साइड की बहुतायत की वजह ये माहौल काफ़ी सर्द होता है. रात में तो तापमान यहां शून्य से 73 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर जाता है.

मंगल ग्रह पर क़रीब आधे साल बर्फ जमा रहती है. ग्रह के दक्षिणी हिस्से में ये बर्फ कई मीटर ऊंची परत में तब्दील हो जाती है. जो कि कार्बन डाई ऑक्साइड के जमने से बनती है. ऐसे में यहां स्कीइंग करने का अपना अलग ही मज़ा मिल सकता है. हर साल सर्दी के मौसम में यहां बड़ी मात्रा में बर्फ़ जमा हो जाती है. और जब मौसम बदलता है सूरज की रोशनी पड़ती है तो ये बर्फ़ पिघलने लगती है और गैस में बदलने लगती है.

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ज़मीन पर जिंदगी इसीलिए वजूद में आ सकी, क्योंकि यहां ज़िंदगी के वजूद के लिए पानी जैसी बुनियादी चीज़ मौजूद है.

अगर मंगल पर भी पानी का वजूद हो तो ज़िंदगी का तसव्वुर यहां भी किया जा सकता है. दशकों से वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं. लेकिन 2011 में उम्मीद कि एक किरण जगी जब वैज्ञानिकों को यहां पानी के सबूत मिले. इसके बाद से ही वैज्ञानिक, मंगल पर ज़िंदगी की उम्मीदें तलाशने में जुटे हैं. उन्हें लगता है कि मंगल पर किसी गड्ढे में, या फिर सतह के अंदर, ज़िंदगी हो सकती है.

उसका पता तो जब लगेगा, तब लगेगा. तब तक अगर 2022 में आपको मौक़ा मिले और जेब गवाही दे तो एक सैर मंगल की करके आ सकते हैं.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)

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