उड़ने के नाम पर होश उड़ जाते हैं, तो ज़रूर पढ़ें

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बहुत से लोगों को हवाई सफ़र से डर लगता है. उन्हें लगता है कि कोई हादसा हो जाएगा और उनकी मौत हो जाएगी. आज के ज़माने में कई बार हवाई सफ़र आपके लिए मजबूरी बन जाता है. ऐसे में आपके लिए ज़रूरी है कि उड़ने के डर से उबरने की कोशिश करें.

फ्लाइट के बारे में पहले तो कुछ बुनियादी बातें जान लें. मीडिया में हवाई हादसों की तस्वीरें बार-बार देखकर ये न समझें कि हवाई सफ़र बहुत ख़तरनाक है. असल में विमान का मलबा, बिखरे हुए शव देखकर लगता है कि विमान से सफ़र करना बेहद ख़तरनाक है. जबकि सच ये है कि विमान हादसे, सड़क हादसों के मुक़ाबले बेहद कम होते हैं.

दो साल पहले मलेशिया एयरलाइंस के दो विमान हादसे के शिकार हुए थे. एक फ्लाइट एमएच 370 उड़ान भरने के बाद लापता हो गई. वहीं दूसरी एमएच 17 को यूक्रेन में मिसाइल से मार गिराया गया था.

इनके अलावा पिछले साल मिस्र से उड़ान भरने वाले रूस के विमान को बम विस्फोट से उड़ा दिया गया था. वहीं, एक जर्मन विमान को उसके पायलट ने ही क्रैश करा दिया था.

इन गिनी चुनी घटनाओं को अलग कर दें तो हवाई हादसों में जान जाने की घटनाएं बहुत कम होती हैं. जैसे 2015 में साढ़े तीन अरब लोगों ने हवाई सफ़र किया. इस दौरान सिर्फ़ 68 हादसे हुए. इनमें से चार में 138 लोगों की मौत हुई. इनमें रूस और जर्मन विमान हादसों को जोड़ दें तो आंकड़ा 510 मौतों तक पहुंच जाता है.

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इनके मुक़ाबले 2013 में सड़क हादसों में पूरी दुनिया में साढ़े बारह लाख लोग मारे गए थे. यानी हवाई सफ़र के मुक़ाबले सड़क से सफ़र करना 100 गुना ज़्यादा ख़तरनाक है.

फिर भी लोगों को हवाई उड़ान से डर लगता है. अमरीका के 17 फ़ीसद लोगों को फ्लाइट लेने में डर लगता है. बहुत से सेलेब्रिटी भी हवाई सफ़र से डरते हैं. जैसे डेविड बोवी ने सत्तर के दशक में यूरोप का टूर नाव और ट्रेन से किया था.

बाद में उन्होंने फिर से हवाई सफ़र शुरू किया. मगर अपने बच्चे के जन्म के बाद बोवी ने फिर से हवाई उड़ान पर जाना बंद कर दिया. इसी तरह केट विंसलेट और उनके पति अलग फ्लाइट में सफ़र करते हैं. ताकि हादसे में किसी एक की मौत हो जाए, तो बच्चों की देख-रेख के लिए दूसरा बचा रहे.

अमरीका के मनोवैज्ञानिक मैथ्यू प्राइस कहते हैं कि हवाई सफ़र से डर लगने की कई वजह होती हैं. कई लोग पहली उड़ान से पहले डरते हैं. वहीं कुछ लोग अपने पुराने तजुर्बे की वजह से डरते हैं. कुछ लोग विमान हादसों की वजह से उड़ान भरने में डरने लगते हैं. जैसे कि अमरीका पर 9/11 के हमलों के बाद बहुत से लोगों ने सड़क से सफ़र करना शुरू कर दिया था.

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कुछ लोगों को चीज़ें अपने नियंत्रण में न रहने का डर लगता है, तो कुछ को बंद जगह पर होने की वजह से फ्लाइट में डर लगता है. किसी और बीमारी की वजह से भी हवाई सफ़र से डर लगने लगता है.

कई बार एयरपोर्ट पर सुरक्षा के इंतज़ाम, सेफ्टी के तरीक़े बताने वाले वीडियो देखकर भी डर लगता है. बहुत सी उड़ानों में सफ़र के दौरान किसी हादसे की सूरत में क्या करें और क्या न करें, ये बताने के वीडियो दिखाए जाते हैं. इनका उल्टा ही असर होता है. जैसे कि दुबई मे एक प्लेन क्रैश के बजाय कई लोग सुरक्षित बाहर निकलने के बजाय अपने सामान को लेकर ज़्यादा फ़िक्रमंद दिखे.

हवाई सफ़र के डर से आसानी से निपटा जा सकता है. इसके कई तरीक़े हो सकते हैं. कुछ लोग शराब पीकर डर भगाते हैं, तो, कई लोग गाने सुनने लगते हैं. मैथ्यू प्राइस सलाह देते हैं कि लोगों को लंबी-लंबी सांस लेकर ख़ुद को नॉर्मल करने की कोशिश करनी चाहिए. वो सलाह देते हैं कि आपको कोई मंत्र याद हो तो उसे पढ़कर ही अपना डर दूर कर सकते हैं.

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एक और जानकार रॉयल एयरफ़ोर्स के पूर्व पायलट रॉबर्ट बोर कहते हैं कि लोगों को डर दूर करने के लिए हवाई सफ़र के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए.

और जिनका डर इन तरीक़ों से भी न भागे उन्हें मनोवैज्ञानिकों की सलाह लेनी चाहिए. कुछ थेरेपी की मदद से लोग हवाई सफ़र को लेकर अपना डर दूर कर सकते हैं. इस बारे में कुछ किताबें भी मददगार हो सकती हैं.

आजकल एक और तरीक़ा भी हवाई सफ़र के डर को दूर करने के लिए आज़माया जा रहा है.

ये है वर्चुअल रियालिटी के ज़रिए हवाई सफ़र कराना. इसमें आपका थेरेपिस्ट आपको वर्चुअल हेडसेट के ज़रिए हवाई सफ़र पर ले जाता है. इस दौरान अच्छी बात ये होती है कि सफ़र के जिस दौर से आपको डर लगता है उसे नियंत्रित किया जा सकता है. जैसे किसी को उड़ान भरते वक़्त ज़्यादा डर लगता है. वहीं किसी को विमान के उतरने के वक़्त ज़्यादा डर लगता है.

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वर्चुअल रियालिटी सेट के ज़रिए आपके थेरेपिस्ट आपको सफ़र का तजुर्बा कराते हैं और आपको समझाकर आपके दिल से सफ़र का डर दूर करते हैं.

पश्चिमी देशों में वर्चुअल रियालिटी की ये थेरेपी काफ़ी काम आ रही है. इस दौरान कुल आठ सेशन होते हैं. इसमें पहले चार सेशन में आपको डर की मनोवैज्ञानिक वजहें बताकर उन्हें दूर किया जाता है. बाद के चार सेशन में आपको हवाई सफ़र का तजुर्बा कराकर दिल में बैठे डर को दूर किया जाता है.

वैसे कुछ लोग अपने इस डर का ख़ुद ही मुक़ाबला करते हैं. जैसे कि अमरीकी कारोबारी क्ले प्रेस्ले. वो 2009 में न्यूयॉर्क में हडसन नदी में विमान गिरने के हादसे के शिकार हुए थे. इसके बाद उनके दिल में हवाई सफ़र को लेकर डर बैठ गया. लेकिन क्ले प्रेस्ले ने इसका मुक़ाबला करने की ठानी और उन्होंने ख़ुद ही विमान उड़ाना सीख लिया और पायलट का लाइसेंस भी हासिल कर लिया.

अब सबके पास तो ये विकल्प नहीं है जिससे वो हवाई सफ़र के डर को दूर कर सकें. मगर आप बाक़ी के तरीक़े आज़मा सकते हैं. ताकि आराम से आसमान की सैर कर सकें.

(मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)

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