सोशल नेटवर्क बन रहा है सेक्शुअल नेटवर्क

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सोशल मीडिया के ज़रिए आज सारी दुनिया एक सूत्र में बंध गई है. आज कोई किसी के लिए अनजान नहीं रह गया है. सोशल मीडिया ने लोगों के लिए नए मौक़े मुहैया कराये हैं. देखा जाए तो कई लिहाज़ से अर्थव्यवस्था सोशल मीडिया पर आधारित हो गई है.

बहुत से लोगों का कारोबार सोशल मीडिया के सहारे ही चल रहा है. यहां सिर्फ़ सामान ही नहीं बिकता है बल्कि सेक्स भी ख़रीदा और बेचा जाता है. सेक्स वर्कर की नई नस्ल सोशल मीडिया पर अपनी दुकान सजा रही है. उनके ग्राहक उनके जिस्म से ज़्यादा उनकी ज़िंदगी में दिलचस्पी रखने लगे हैं.

मिसाल के तौर पर कोर्टाना ब्लू को ही लीजिए. ब्लू ने सोशल मीडिया पर स्नैपचैट के ज़रिए क़रीब एक हज़ार लोगों को अपने साथ जोड़ लिया है. उनके चाहने वाले इस स्नैपचैट के ज़रिए उनसे बातें कर सकते हैं. जो दिल चाहे वो करने के लिए कह सकते हैं.

इस नए तरह के कारोबार ने रिसर्च करने वालों को ये जानने के लिए मजबूर कर दिया कि सोशल मीडिया के ज़रिए कैसे लोगों से मिलने जुलने का हमारा अंदाज़ बदलने लगा है. रिसर्चर टीला सैंडर्स का कहना है कि अगर गहराई से देखा जाए तो पता चलता है कि सेक्स का कारोबार हमारे रिश्तों को बड़े पैमाने पर असरअंदाज़ कर रहे हैं.

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यही नहीं सोशल मीडिया उन रिश्तों को भी प्रभावित कर रहा है जिनका लोगों के साथ सीधा रिश्ता है भी और नहीं भी. जैसे कि किम कर्दाशियान और टेलर स्विफ्ट जैसे बड़े सितारों के चाहने वालों की फ़ौज है. इंस्टाग्राम के ज़रिए तमाम जानकारियां मिलती रहती हैं. लेकिन स्नैपचैट जैसी एप सिर्फ़ दो लोगों के दरमियान बातचीत का रास्ता मुहैया कराती हैं. इससे वो रिश्ता एक ज़ाती रिश्ता बनने लगता है.

वेश्यावृत्ति आज के ज़माने की देन नहीं है. ये तो सदियों से चली आ रही है. एक वो ज़माना भी था जब ज़्यादा से ज़्यादा कनीज़ें (महिला दासी) रखना शान समझा जाता था. जंगों में जो माले ग़नीमत होता था उसमें कनीज़ें भी शामिल होती थीं. राजा महाराजाओं के महलों की शान होती थी. फिर वो ज़माना आया जब मर्दों ने इन वेश्याओं के दर पर जाकर महफ़िल सजाना शुरू किया. यहां नाच, गाना, शराब शबाब सभी होता था. फिर हालत ये हो गई कि सड़कों पर वेश्याओं की बोली लगने लगी.

ज़माना बदला है तो सेक्स वर्करों के धंधे का मिज़ाज भी बदल गया है. सीधे शारीरिक संबंध बनाने से लेकर वेबकैम के ज़रिए संबंध बनाने के लिए अलग-अलग क़ीमत वसूली जाने लगी है.

रिसर्चर सैंडर्स पिछले 15 सालों से सेक्स वर्कर्स की ज़िंदगी पर पड़ताल कर रही हैं. उनका कहना है कि बहुत सी सेक्स वर्कर फ़ोन, चैट और वेबकैम के ज़रिए अपना धंधा चला रही हैं.

इंसान की बहुत सी बुनियादी ज़रूरतों के साथ साथ सेक्स भी एक ज़रूरत है. किसी को इसकी ज़रूत बहुत ज़्यादा होती है, किसी को कम. और कुछ लोग शौक़ीन मिज़ाज भी होते हैं. ऐसे लोगों की ज़रूरतों ने ही सेक्स के कारोबार को इतनी बुलंदियों तक पहुंचाया दिया है कि आज ये दुनिया का सबसे ज़्यादा मुनाफ़े वाला कारोबार बन गया है. इसे करने के बहुत से नायाब तरीक़े भी आ गए हैं.

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जैसे 1990 में 'लाइव' साइबर सेक्स शो का चलन शुरू हुआ. ये प्री-रिकॉर्डिड पोर्नोग्राफ़ी से अलग होता था. इसमें दर्शक और कलाकार के बीच थोड़ी देर के लिए आमना-सामना हो जाता था. प्रोफ़ेसर सैंडर्स कहती हैं ज़रूरतमंद लोगों के लिए ऐसा करना आसान होता है. उनके मन में ये बोझ नहीं रहता कि उन्हों ने कुछ ग़लत किया है.

इस तरह वो अपने ज़ाती रिश्तों को भी बचा ले जाते हैं और सेक्स की अपनी मनोवैज्ञानिक भूख को भी शांत कर लेते हैं. पिछले कुछ सालों में स्नैपचैट का इस्तेमाल ख़ूब बढ़ा है. स्नैपचैट की मूल कंपनी 'स्नैप' के मुताबिक़ कंपनी 25 अरब डॉलर का कारोबार कर रही है. क़रीब 15 करोड़ लोग हर रोज़ स्नैपचैट पर बात चीत करते हैं.

आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी नील्सन के मुताबिक़ अमरीका में 18 से 34 साल की उम्र के क़रीब 41 फ़ीसद लोग स्नैपचैट के ज़रिए बात करते हैं. आंकड़ों की समीक्षा करने वाली कंपनी वर्टो के अनुसार ब्रिटेन में 35 साल तक की उम्र वाले क़रीब 51 फ़ीसद लोग हर रोज़ इस साइट पर जाते हैं.

स्नैपचैट के 15 करोड़ यूज़र्स में से एक हैं, ब्रिटेन की रहने वाली 23 साल की मोमोका कोईज़ुमी जो एक छात्रा हैं. वो एक वेबकैम मॉडल भी हैं. जिन लोगों के साथ उनका मिलना जुलना हुआ उनसे पता चला कि अपनी मार्केटिंग के लिए ज़रूरी है कि ये जाना जाए दूसरी मॉडेल कामयाब कैसे हुईं. मोमोका को पता चला कि जितनी भी वेबकैम मॉडेल हैं उन सभी के स्नैपचैट अकाउंट हैं.

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अब हर महीने मोमोका की आमदनी का 10 फीसद हिस्सा स्नैपचैट के ज़रिए ही आता है. मोमोका का कहना है कि कंप्यूटर के ज़रिए सेक्स कि दुनिया में आना ग़लत नहीं है. इससे सेक्स वर्कर भी महफ़ूज़ रहती हैं. यहां आप सब से अनजान होते हैं. कोई आप तक नहीं पहुंच पाता और ना आप किसी तक पहुंच पाती हैं. अपने एक ट्वीट में उन्हें ने लिखा था किसी सार्वजनिक जगह पर शॉर्ट स्कर्ट पहनने में उन्हें शर्म आती है. लेकिन स्नैपचैट या वेबकैम पर वो 100 लोगों के सामने भी बिना कपड़ों के आ सकती हैं.

ब्रिटेन के प्रोफ़ेसर ग्रांट ब्लैंक का कहना है कि भले ही स्नैपचैट वेबकैम से ज़्यादा पर्सनल होने का मौक़ा देता है. लेकिन ये इतना आसान भी नही है. जब आप स्नैपचैट पर होते हैं तो आप इस बात से बेफ़िक्र होते हैं कि कोई आपको देख रहा है. या आपका वीडियों किसी और को दिखाया जा रहा है. जबकि एक मत ये भी है कि लोग हमेशा इस बात से वाक़िफ़ होते हैं कि उनके दर्शक उन्हें जानते हैं. स्नैपचैट पर कैमगर्ल ज़्यादा खुलकर मैसेज भेजती हैं.

मोमोका का कहना है कि जब से स्नैपचैट पर उनका अकाउंट बना है, कोई ऐसा दिन नहीं जाता जब उन्हें कुछ ना कुछ पोस्ट ना करना पड़े. ये एक थका देने वाला काम है. अपना सोशल मीडिया का अकाउंट अपडेट करते रहना भी सारा वक़्त देने वाला काम है. यहां किसी दिन कोई छुट्टी नहीं होती. और काम भी अलग अलग वक़्त पर करना पड़ता है. कुछ ग्राहक ऐसे भी होते हैं जिनके मैसेज का हर वक़्त जवाब देते रहना पड़ता है. जिसमें काफ़ी वक़्त चला जाता है.

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कोर्टाना ब्लू स्नैपचैट की एक ऐसी सेक्स वर्कर है जो दूसरे सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट तक पहुंचने के लिए लोगों से पैसे वसूलती हैं. इस दौरान वो सिर्फ़ सेक्स चैट नहीं करतीं. वो अपनी दिनचर्या भी अपने सब्सक्राइबर्स से साझा करती हैं. ब्लू का कहना वो अपने फैन को ये बताना चाहती है कि सिर्फ़ पैसों के लिए अपने बदन से कपड़े नहीं उतारती हैं बल्कि वो भी दूसरे लोगों की तरह एक आम इंसानों वाली ज़िंदगी जीती हैं. मेहनत करती हैं.

टेक्नालॉजी ने वेश्यावृत्ति के पेशे में नये पेंचो-खम जोड़ दिये हैं. बड़ी बड़ी कंपनियां इस कारोबार को संभालने के लिए आगे रही हैं. जो कोई इस कारोबार में काम करना चाहता है उसे पूरी सुविधाएं दी जाती हैं. बाक़ायकदा क़रार होता है.

हालांकि स्नैपचैट इसके कारोबारी इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देता. उसकी अपनी कुछ गाइडलाइंस हैं. उन गाइड लाइन का उल्लंघन करने की इजाज़त किसी को नहीं है. अगर कोई ऐसा करता है तो उसका अकाउंट बंद कर दिया जाता है. जैसे ब्लू का स्नैपचैट अकाउंट दो बार बंद किया जा चुका है.

बहुत सी सेक्स वर्कर का कहना है कि कंप्यूटर के ज़रिए ग़ैर जिस्मानी रिश्ते बनाना पूरी तरह से सही और सुरक्षित है इसे ग़ैर क़ानूनी बताने के बजाए इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए क्योंकि इससे बहुत सी सेक्स वर्कर को काम मिल जाता है.

(मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)

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