नदी जिसमें पानी के साथ-साथ सोना बहता है

डॉसन सिटी, कनाडा

'सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल, ज़िंदगानी फिर कहां... ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां...' ख्वाजा मीर 'दर्द' का ये शेर सैर-सपाटे की अहमियत हमें बताता है. मशहूर लेखक राहुल सांकृत्यायन ने तो बाक़ायदा अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा के नाम से लेख ही लिख डाला था.

उनका कहना था कि, 'मेरी समझ में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वस्तु है घुमक्कड़ी.' नई-नई जगहों के बारे में जानना और घूमना हमेशा ही एक अच्छा शौक़ माना गया है. कुछ लोगों के इसी शौक़ की वजह से हमें ऐसी जगहों की जानकारी भी मिल जाती है, जहां हरेक का जाना संभव नहीं है. तो चलिए आपको घुमा लाते हैं कनाडा की डॉसन सिटी.

Image caption डॉने मिशेल, डॉसन सिटी में साल 1977 में आई थीं

नदी में सोना

कनाडा की डॉसन सिटी उन्हीं जगहों में से एक है जो क़रीब सौ सालों से घुमक्कड़ों को अपनी ओर खींच रही है. शायद इसलिए भी कि यहां अमीर होने का मौक़ा मिल जाता है. अमीर बनने की बात सुनकर यक़ीनन आपके दिल में भी इस जगह के बारे में जानने की ख़्वाहिश जगी होगी.

जैसा कि हमने आपको बताया कि डॉसन सिटी कनाडा में दूरदराज़ का एक शहर है. इसकी आबादी बहुत कम है, और ये क्लोनडाइक नदी के किनारे बसा है. कहा जाता है कि इस नदी की तलहटी में सोना बिछा पड़ा है. 1896 में जॉर्ज कार्मेक, डॉसन सिटी चार्ली और स्कूकम जिम मेसन ने सबसे पहले इस नदी में सोना होने की बात बताई थी.

जैसे ही नदी में सोने की ख़बर फैली इस शहर में लोगों का, ख़ास तौर से सोना खोजने वालों का रेला लग गया. 1898 में इस शहर की आबादी महज़ 1500 थी जो कि रातों रात बढ़ कर तीस हज़ार हो गई. आज यहां की आबादी में खान में काम करने वाले हैं, कुछ कलाकार हैं, और कुछ वो लोग हैं जो ख़ुद को इस शहर का मूल नागरिक बताते हैं.

डॉसन सिटी के मेयर वेन पोटोरका का कहना है कि इस शहर की हमेशा से ही एक अलग पहचान रही है. यहां तरह तरह के लोग रहते हैं जो इस इलाक़े की ख़ूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. इसे कनाडा के दीगर शहरों से हटकर एक अलग पहचान दिलाते हैं.

कुदरती नज़ारे

डॉसन सिटी, ओगिल्वी पहाड़ों से घिरा हुआ है जो क़रीब दो हज़ार किलो मीटर तक फैला हुआ है. ये पहाड़ इस इलाक़े को ख़ूंख़ार जंगली जानवरों से बचाता है. अगर आप क्लॉडिंग हाई-वे से जाना चाहते हैं तो व्हाइटहॉर्स से यहां तक पहुंचने में क़रीब सात घंटे का समय लगेगा. हाईवे की लंबाई क़रीब 533 किलोमीटर है.

यूकॉन इलाक़ा कनाडा का सबसे कम आबादी वाला इलाक़ा है. इस इलाक़े की ज़्यादातर आबादी वाइटहॉर्स में बसी है. वाइटहॉर्स अलास्का, ब्रिटिश कोलंबिया और नॉर्थ वेस्ट के इलाक़ों से सटा हुआ है. डॉसन सिटी तक पहुंचने में आपको बहुत तरह के ख़ूबसूरत क़ुदरती नज़ारे देखने को मिल सकते हैं.

Image caption डॉने मिशेल यहां सोना निकालने का काम करती हैं

हर साल बड़ी तादाद में लोग डॉसन सिटी घूमने आते हैं. कुछ यहां क़ुदरत के ख़ूबसूरत और दिलकश नज़ारे देखने आते हैं. तो, कुछ यहां अमीर बनने की चाह में आते हैं. सोने की खोज करने वाले ये लोग मेहनत भी ख़ूब करते हैं. सोने की खोज करने वाले ये लोग कई दशकों से इसी काम में लगे हैं.

सोने की इस नदी के पास जमी रेत को बालटियों में इकट्ठा करते हैं, फिर उसे कई कई बार छानते हैं. नदी के पानी को छोटे-छोटे बर्तनों में रखकर जमाया जाता है. फिर इस बर्फ़ से सोने के टुकड़ों को अलग किया जाता है. सोने के ये टुकड़े कई शक्ल में होते हैं.

ये मोतीनुमा भी हो सकते हैं, पतले छिलके के रूप में भी हो सकते हैं या फिर गुच्छे के आकार के भी हो सकते हैं. ये ज़रूरी नहीं कि सोने के ये टुकड़े हर बार ही मिल जाएं. बहुत मेहनत के बाद कुछ टुकड़े ही हाथ लग पाते हैं. सोना तलाशने के लिए यहां कोई रोक टोक नहीं है. कोई भी खुदाई करके यहां सोना तलाशने का काम कर सकता है.

लेकिन फिर भी कुछ लोग यहां ज़मीन के टुकड़े ख़रीद लेते हैं, ताकि उस जगह से निकलने वाले सोने पर उनका ही हक़ रहे और कोई दूसरा वहां आकर खुदाई का काम ना कर सके. वो इस इलाक़े में मशीने भी लगा सकते हैं. हालांकि पिछली एक सदी से सोने के दामों में अक्सर ही उतार चढ़ाव देखने को मिलता रहा है.

उत्सुकता

लेकिन आज की तारीख में चाय के एक चम्मच के बराबर का सोना 1300 डॉलर के हिसाब से बिकता है. डॉने मिशेल, डॉसन सिटी में साल 1977 में आई थीं. वो सोना निकालने का काम करती हैं. उन्हें हमेशा से ही अलग-अलग जगहों के बारे में जानने की उत्सुकता रही है.

वो नई नई जगहों के बारे में जानकारी हासिल करने को एक ख़ास तरह का इल्म मानती हैं. जब मिशेल को उनकी किसी परिचित ने इस जगह के बारे में बताया तो वो ख़ुद को रोक नहीं पाईं और पहुंच गई सोना तलाशने. डॉने मिशेल आज यहां आने वाले सैलानियों को सोना निकालने का तरीक़ा सिखाती हैं.

वो यहां खदान मज़दूरों के साथ केबिन में रहती हैं. पास के चश्मे के पानी से अपनी प्यास बुझाती हैं और उसी के पानी से खाना बनाती हैं. हालांकि डॉसन सिटी आने से पहले उन्हें सोना निकालने का कोई तजुर्बा नहीं था. लेकिन, यहां रहते हुए उन्होंने ये हुनर सीख लिया और अब दूसरों को भी सिखा रही हैं.

मिशेल कहती हैं उनकी ज़िंदगी बहुत आराम से गुज़र रही है. वो पास के शहर में हर रोज़ काम के लिए जाती हैं. और छुट्टी के दिन मज़े से सोना तलाशती हैं या फिर आस पास के पहाड़ों में क़ुदरती नज़ारों का लुत्फ़ उठाती हैं. हालांकि वो अपने दोस्तों और रिश्तोंदारों से मीलों दूर रहती हैं, लेकिन कभी भी अपने घर की कमी का अहसास नहीं होता.

उन्हें लगता है ये इलाक़ा ही उनका घर है. मिशेल के मुताबिक़ एक इलाक़े की खुदाई पर खदान मज़दूरों को काम करने की इजाज़त तभी मिल पाती है जब उस इलाक़े का मालिक या तो मर जाता है, या, फिर वो अपनी खुशी से कुछ को काम करने की इजाज़त देता है. यहां खदान मज़दूर एक समुदाय की तरह से काम करते हैं.

मिशेल को साल 1981 में पहली बार सोने की खदान में काम करने का मौका मिला था. और तभी से वो इस समुदाय का हिस्सा बन गईं. साल 1984 में डॉसन सिटी में वुमेन्स वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ गोल्ड का आयोजन हुआ. इस प्रतियोगिता में मिशेल कामयाब हुईं. कुछ सालों बाद यूकॉन ओपन गोल्ड पैनिंग का मुक़ाबला हुआ.

मुक़ाबला

इस मुक़ाबले में उनका सामना अपने ही साथियों लोगों से था. मिशेल उन सभी को खदान में काम करने के दिनों से जानती थीं. वो सभी अपने काम में माहिर थे. इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों में मिशेल ही एक अकेली महिला थीं जिन्हें तमाम मर्दों से लोहा लेना था. दिलचस्प बात ये थी कि वो इस मुक़ाबले में भी कामयाब रहीं.

और यूकॉन ओपन का ख़िताब जीतने वाली पहली महिला बनीं. कई सालों तक मिशेल इसी तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेती रहीं. बाद में वो कई महिला खदान मज़दूरों की कोच बन गई हैं. फ़िलहाल वो जैक लंदन म्यूज़ियम में इंटरप्रेटर के तौर पर काम कर रही हैं. साथ ही अपने अनुभव भी लोगों से साझा करती हैं.

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डॉसन सिटी में सोने की खुदाई का काम हमेशा से ही बड़े पैमाने पर होता रहा है. आज भी यूकॉन की 196 माइनिंग साइट में से 124 सिर्फ़ डॉसन सिटी में हैं. बोनांजा क्रीक डिस्ट्रिक्ट जो गोल्ड रश की मूल साइट है, वहां आज भी सबसे ज़्यादा खदाने हैं. मिशेल के मुताबिक़ यहां सोने की ख़ुदाई का काम अभी लंबे समय तक चलेगा.

लोग इसी तरह यहां आते रहेंगे. हो सकता है, आप यहां गर्मी का एक मौसम गुज़ारने के इरादे से आएं. लेकिन कोई हैरत नहीं होगी अगर आप यहां तमाम उम्र के लिए बस जाएं. क्योंकि इस जगह में कशिश ही कुछ ऐसी है.

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