बग़दादी के ख़िलाफ़ अमरीकी सेना का ऑपरेशन- रिपोर्ट्स

  • 27 अक्तूबर 2019
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप रविवार को कोई बड़ी घोषणा करने वाले हैं. वाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से घोषणा होने की जानकारी दी है लेकिन ये नहीं बताया है कि ये क्या और किस तरह की घोषणा होगी.

ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अमरीकी सेना ने इस्लामिक स्टेट समूह के ख़िलाफ़ ऑपरेशन चलाया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ट्वीट कर कहा है, ''अभी तुरंत कुछ बड़ा हुआ है.'' ट्रंप ने यह ट्वीट अमरीकी समय के हिसाब से रात में 10.30 बजे किया था.

अमरीकी मीडिया के अनुसार ट्रंप ने अबु बकर अल-बग़दादी को सीरियाई प्रांत इदलिब में टारगेट करने के लिए एक ऑपरेशन की अनुमति दी थी.

कई मीडिया संगठनों ने अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि अमरीकी बलों ने उत्तर-पश्चिम सीरिया में इदलिब प्रांत में चरमपंथी नेता को मार दिया.

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कुर्दों की अगुवाई वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेस (एसडीएफ) के कमांडर मज़लूम आब्दी ने बताया कि अमरीका के साथ संयुक्त रूप से ख़ुफ़िया काम के परिणामस्वरूप रविवार को एक ऐतिहासिक अभियान सफल हुआ.

अमरीका के एक अधिकारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि एक अभियान सफल रहा. हालांकि अधिकारी ने बगदादी के मारे जाने की अटकलों की पुष्टि नहीं की.

ब्रिटेन स्थित एक निगरानी समूह सीरिया के एक मानवाधिकार पर्यवेक्षक समूह ने बताया कि सीरिया के इदलिब प्रांत में एक गांव के निकट हेलीकॉप्टर से की गई गोलीबारी में नौ लोग मारे गए जहां इस्लामिक स्टेट से जुड़ा समूह मौजूद था.

न्यूज़वीक मैगज़ीन ने अमरीकी सेना के सूत्रों के हवाले से बताया है कि आईएस नेता की मौत हो गई है लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है. इससे पहले भी बग़दादी की मौत की ख़बरें कई बार आ चुकी हैं.

बीबीसी के सुरक्षा संवाददाता फ्ऱैंक गार्डनर के मुताबिक़, यह पहली बार नहीं है जब बगदादी के मारे जाने की ख़बर सामने आई है. इस सप्ताहांत में भी अमरीकी अधिकारियों ने विश्वास के साथ कहा था कि एक निर्णायक अभियान में उसे निशाना बनाया गया.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार भी अमरीकी सेना ने बग़दादी के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाया.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने बग़दादी की लोकेशन का पता लगाया था.

राष्ट्रपति ट्रंप रविवार को अमरीकी समय के हिसाब से सुबह नौ बजे इसकी घोषणा करेंगे.

वाइट हाउस के उप प्रेस सचिव होगन गाइडली ने सीएनएन से बताया है कि घोषणा विदेश नीति से जुड़ी है. इस पर अमरीकी सेना की तरफ़ से कोई बयान नहीं आया है.

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पांच साल से अंडरग्राउंड थे बग़दादी

बग़दादी एक कथित इस्लामिक स्टेट के मुखिया रहे हैं और वो पिछले पांच वर्षों से अंडरग्राउंड थे.

अप्रैल में इस्लामिक स्टेट के मीडिया विंग अल-फ़ुरक़ान की ओर से एक वीडियो जारी किया गया था. अल-फ़ुरक़ान ने वीडियो के ज़रिए कहा था कि बग़दादी ज़िंदा हैं.

जुलाई 2014 में मूसल की पवित्र मस्जिद से भाषण देने के बाद बग़दादी पहली बार दिखे थे.

फ़रवरी 2018 में कई अमरीकी अधिकारियों ने कहा था कि मई 2017 के एक हवाई हमले में बग़दादी ज़ख़्मी हो गए थे.

बग़दादी 2010 में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक़ (आईएसआई) के नेता बने थे.

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बग़दादी कौन?

इब्राहिम अवाद इब्राहिम अल-बादरी को अबु बक्र अल-बग़दादी के नाम से जाना जाता है. बग़दादी का जन्म 1971 में इराक़ के समार्रा में निम्न-मध्य वर्गीय सुन्नी परिवार में हुआ था.

यह परिवार अपनी धर्मनिष्ठता के लिए जाना जाता था. बग़दादी के परिवार का दावा है कि जिस क़बीले से पैग़ंबर मोहम्मद थे, उसी क़बीले से वो भी है. यह परिवार पैग़ंबर मोहम्मद का वंशज होने का दावा करता है.

युवा अवस्था में ही बग़दादी कुरान की आयतों को कंठस्थ करने के लिए जाने जाते थे. इसके साथ ही बग़दादी का इस्लामिक क़ानून से भी ख़ासा लगाव था.

परिवार में बग़दादी की पहचान घोर इस्लामिक व्यक्ति की थी. बग़दादी अपने रिश्तेदारों को बहुत ही सतर्क नज़रों से देखते थे कि इस्लामिक क़ानून का पालन हो रहा है या नहीं.

बग़दादी ने यूनिवर्सिटी में भी मजहब की पढ़ाई की. 1996 में यूनिवर्सिटी ऑफ बग़दाद से इस्लामिक स्टडीज में बग़दादी ने ग्रैजुएशन की पढ़ाई की.

इसके बाद 1999 से 2007 से के बीच क़ुरान पर इराक़ की सद्दाम यूनिवर्सिटी फ़ॉर इस्लामिक स्टडीज़ से मास्टर्स और पीएचडी की पढ़ाई की.

2004 तक बग़दादी बग़दाद के पास तोबची में अपनी दो पत्नियों और छह बच्चों के साथ रहे. इसी दौरान वो स्थानीय मस्जिद मेंपड़ोस के बच्चों को क़ुरान की आयतें पढ़ाते थे. बग़दादी फ़ुटबॉल क्लब के भी स्टार थे.

इसी दौरान बग़दादी के चाचा ने उन्हें मुस्लिम ब्रदरहुड जॉइन करने के लिए प्रेरित किया. बग़दादी तत्काल ही रूढ़िवादी और हिंसक इस्लामिक मूवमेंट की तरफ़ आकर्षित हो गए.

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एक्टिविस्ट से बाग़ी

2003 में इराक़ पर अमरीका के हमले के कुछ ही महीने बाद बग़दादी ने विद्रोही गुट जैश अह्ल अल-सुन्नाह वा अल-जमाह के गठन में मदद की.

फ़रवरी 2004 में अमरीकी बलों ने फलुजा में बग़दादी को गिरफ़्तार कर लिया और बक्का डिटेंशन कैंप में 10 महीने तक रखा. क़ैद के दौरान भी बग़दादी ने ख़ुद को मजहब पर ही केंद्रित रखा. वो क़ैदियों को इस्लाम की शिक्षा देते थे.

साथ के क़ैदियों के अनुसार बग़दादी अन्तर्मुखी स्वभाव के थे लेकिन प्रतिद्वंद्वियों की पूरी ख़बर रहती थी. दिसंबर 2004 में क़ैद से बाहर होने के बाद बग़दादी ने उन सभी से गठजोड़ किया जिनसे वो संपर्क में थे. बाहर निकलने के बाद बग़दादी ने इराक़ में अल-क़ायदा के प्रवक्ता से संपर्क किया.

वो प्रवक्ता बग़दादी के इस्लामिक ज्ञान से बहुत प्रभावित हुआ. उसी प्रवक्ता ने बग़दादी को दमिश्क जाने के लिए राज़ी किया. बग़दादी को यहां अल-क़ायदा के प्रॉपेगैंडा को फैलाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी.

अल-क़ायदा इन इराक़ को ही ख़त्म कर अबू अय्युब अल-मासरी ने इस्लामिक स्टेट इन इराक़ का गठन किया. इस समूह का अलक़ायदा से भी संबंध बना रहा.

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आईएस का नया शासक

इस्लामिक विश्वसनीयता के कारण बग़दादी में आईएस के अलग-अलग धड़ों को एकजुट करने की क्षमता थी. इस्लामिक स्टेट से बग़दादी ने लोगों को जोड़ना शुरू किया.

बग़दादी को शरीया समिति का पर्यवेक्षक बनाया गया. इसके साथ ही उन्हें शुरा काउंसिल के 11 सदस्यों में भी शामिल किया गया.

बाद में बग़दादी को आइएस की समन्वय समिति में रखा गया जिसका काम इराक़ में कमांडरों के बीच संवाद कायम करना था.

अप्रैल 2010 में आईएस के संस्थापक के मारे जाने के बाद शुरा काउंसिल ने बग़दादी को आइएस का प्रमुख बना दिया.

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