एयर इंडिया को मदद देगी सरकार

केंद्र सरकार ने देश की ख़स्ताहाल चल रही राष्ट्रीय वायुसेवा एयर इंडिया को शर्तों के साथ मदद देने की घोषणा की है.एयर इंडिया पिछले कुछ समय से बेहद ख़राब स्थिति में चल रही है और वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण इसकी स्थिति और बदतर हो गई है.

Image caption एयर इंडिया पिछले छह महीनों से घाटे में चल रही है

एयर इंडिया ने सरकार से मदद मांगी थी जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि सरकार मदद तो देगी लेकिन शर्तों के साथ. हालांकि एयर इंडिया पिछले कुछ दिनों से अपने खर्च से पूरे पांच सौ करोड़ रूपये कम करने की योजना तैयार कर रही है.

पहले वायुसेवा प्रबंधन ने पंद्रह दिन देर से कर्मचारियों को वेतन देने की घोषणा na की थी. उसके बाद प्रबंधन ने एक ऐसी समिति के गठन की घोषणा की जिसने वायुसेवा को पांच सौ करोड़ की बचत के उपाय बताने के साथ कर्मचारियों पर होने वाले तीन हज़ार करोड़ की बचत करने के उपायों पर विचार किया.

इसी खीच तान के बीच बुधवार को इसी मुद्दे पर प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाक़ात की नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने.

बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने सरकार का रुख साफ़ कर दिया, "एक बात तो निश्चित है की एयर इंडिया आज जिन हालातों में पहुंचा है वो केवल ईंधन के दाम और अन्य बाहरी कारण ही नहीं है. एयर इंडिया के काम काज की जो भीतरी प्रणाली रही है, जो काम काज करने का मंहगा तरीका है, उसको बदलने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है."

उनका कहना था, '' अगर ये नहीं किया गया तो सरकार निश्चित तौर पर आगे आने वाले दिनों में एयर इंडिया के लिए ये बार बार नहीं कर पाएगी.''

प्रफुल्ल पटेल का ये भी कहना था की आगे आने वाले दिनों में एयर इंडिया की कई चीज़ों में कटौती की जायेगी जिससे ये कंपनी भीदूसरी निजी वायुसेवाओं की बराबरी में ही रहे.

विरोध

दूसरी तरफ एयर इंडिया कर्मचारी संगठन पिछले कई दिनों से एयर इंडिया प्रबंधन और सरकार का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कंपनी को ये दिन सरकार के ग़लत फैसलों के कारण ही देखना पड़ रहा है.

एयर इंडिया कर्मचारी संघ के महासचिव जेबे काडियन कहते हैं, "सरकार का इंडियन एयरलाइन्स और एयर इंडिया का विलय करने का फैसला एकदम ग़लत था. इस विलय की कोई ज़रूरत नहीं थी, लेकिन सरकार ने इसे कर्मचारियों पर थोप दिया.आज की तारीख़ में जो हमारी कंपनी की स्थिति है वो इस विलय का ही परिणाम है."

अब स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में सरकार भी एयर इंडिया को घाटे से उबारने के लिए कुछ कड़े क़दम उठाएगी जिसमे ख़र्च कटौती के अलावा एयर इंडिया उच्च प्रबंधन में भी बदलाव की गुंजाइश दिख रही है.

प्रफुल्ल पटेल ने एयर इंडिया के हर कर्मचारी को एक कड़ा संदेश भी दे डाला. उन्होंने कहा, "आज यात्रियों का अनेक वायुसेवाओं में से एक चुनने की आज़ादी है. इसलिए एयर इंडिया को इस स्पर्धा के दौर में आगे बढ़ना या चलना होगा तो ज़ाहिर तौर पर उन्हें मुक़ाबले के बराबरी में भी चलने की ज़रुरत है. "

फ़िलहाल तो सरकार ने खुल कर एयर इंडिया में चल रहे विवाद को थोडी सख्ती से पेश आकर सुलझाने की पेशकश की है. वहीं दूसरी ओ़र सरकार ने एयर इंडिया कर्मचारियों के हित में उनका साथ देने का भी ढांढस बंधाया है.

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