सत्यम कंप्यूटर्स बनी महिंद्रा सत्यम

सत्यम
Image caption सत्यम ने संकटों के बावजूद मुनाफ़ा कमाया है

घोटालों के कारण चर्चा में रही भारत की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स सर्विसेज लिमिटेड अब महिंद्रा सत्यम के नाम से जानी जाएगी.

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले सत्यम कंप्यूटर्स को टेक महिंद्रा ने ख़रीद लिया था.

महिंद्रा समूह के वाइस चेयरमैन आनंद महिंद्रा का कहना था कि सत्यम की पहचान में लगे दाग़ को मिटाने के लिए ये पहल की गई है.

सत्यम के वाइस चेयरमैन विनीत नायर का कहना था कि नई पहचान के साथ कंपनी को और मजबूती मिलेगी.

उल्लेखनीय है कि सत्यम के संस्थापक रामलिंगा राजू पर कंपनी में लगभग सात हज़ार करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप है.

रामलिंगा राजू और उनके भाई रामा राजू को 9 जनवरी को गिरफ़्तार किया गया था.

इसके कुछ दिन बाद प्राइस वाटरहाउसकूपर्स के दो ऑडिटर्स को भी हिरासत में ले लिया गया था.

इस घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने सत्यम के बोर्ड को भंग कर दिया था और नए निदेशक मंडल का गठन कर दिया गया था, उसने इसे टेक महिंद्रा को बेचने का फ़ैसला किया.