करोड़ों की क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी

  • 28 जून 2009
क्रेडिट कार्ड
Image caption बीबीसी ने धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश किया है

भारत के कॉल सेंटरों में अपराधियों के गिरोह मोटी रक़म लेकर ब्रिटेन के क्रेडिट कार्डों की जानकारियाँ धड़ल्ले से बेच रहे हैं.

बीबीसी ने एक गुप्त ऑपरेशन के ज़रिए ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है.

बीबीसी के संवाददाता दिल्ली के सौरभ सच्चर नाम के एक आदमी से ब्रिटेन में रह रहे लोगों के नाम, क्रेडिट कार्ड नंबर और दूसरी ज़रूरी सूचनाएँ गुप्त रूप से ख़रीदने में कामयाब रहे.

जिन तीन लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल की गई उन्होंने एक कॉल सेंटर के ज़रिए सिमेनटेक कॉरपोरेशन से कुछ चीज़ें ख़रीदी थीं.

इस कॉरपोरेशन का कहना है कि उसने कुछ भी ग़लत नहीं किया है और ऐसी इक्का दुक्का घटनाएँ ही हुई हैं.

पर्दाफ़ाश

एपेस नाम के एक ग्रुप के मुताबिक़ 2008 में क्रेडिट कार्डों को लेकर कुल मिलाकर 609 लाख पाउंड का घपला हुआ है.

बीबीसी की टीम को बताया गया था कि दिल्ली में एक व्यक्ति चोरी से लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारियाँ बेच रहा है.

अपनी पहचान छिपा कर दो संवाददाताओं ने दिल्ली में एक कॉफ़ी की दुकान में इस आदमी से मुलाक़ात की और पूरे मामले की गुप्त रूप से वीडियो फ़िल्म उतार ली.

इस आदमी ने हर हफ़्ते सैकड़ों क्रेडिट और डेबिट कार्डों की जानकारियाँ देने का वायदा किया. इसके लिए उसने प्रति कार्ड दस डॉलर की माँग की है.

बीबीसी संवाददाताओं ने पचास कार्ड ख़रीदने की पेशकश की और उस व्यक्ति ने तुरंत 14 कार्डों की सूचनाएँ दे दीं.

बाक़ी नंबर ई-मेल के ज़रिए भेजने का वायदा किया गया.

संवाददाताओं के लंदन लौटने के बाद भी वो व्यक्ति ई-मेल के ज़रिए सूचनाएँ भेजता रहा.

सुधार के उपाय

बीबीसी को दिए गए लगभग सभी जानकारियाँ ठीक थीं, लेकिन कार्ड का एक आध नंबर इधर उधर किया गया था.

सात में से एक कार्ड की जानकारी पूरी तरह दुरस्त निकली.

बीबीसी की टीम ने कार्ड धारियों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनके कार्डों की अहम जानकारियाँ भारत में बेची जा रही है.

इन लोगों ने फ़ोन पर एक कॉल सेंटर से संपर्क किया और एक कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर ख़रीदने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी थी.

ये सॉफ़्टवेयर नॉर्टन ने बनाया था जो सिमेनटेक का हिस्सा है.

सिमेनटेक कंपनी ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है और भविष्य में अपने तरीक़ों में सुधार के उपाय किए जाएँगे.

कार्ड की जानकारी बेचने वाले सौरभ सच्चर ने कहा है कि उसने कोई ग़लत काम नहीं किया है.