मंदी की लंबी मार: आईएमएफ़

मंदी
Image caption आईएमएफ़ के मुताबिक मंदी से निपटने में समय लगेगा

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानि आईएमएफ़ का कहना है कि दुनिया में छाई आर्थिक मंदी लंबे समय तक चलेगी और गंभीर होगी.

आईएमएफ़ पहले ही कह चुका है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था इस वर्ष एक प्रतिशत तक संकुचित होगी.

पिछले कुछ दिनों से अर्थ वित्त जगत में ये भविष्यवाणियां छाई हुई थीं कि दुनिया की अर्थव्यवस्था स्वस्थ्य होने की राह पर अग्रसर है.

उदाहरण के लिए अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए आशा की किरण दिखाई दे रही है.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस आशा पर जैसे पानी फेर दिया.

लंबा दौर

आईएमएफ़ ने पिछली मंदियों का विश्लेषण करके यह निष्कर्ष निकाला है कि इस बार मंदी का दौर लंबा चलेगा और गंभीर होगा. और जब इसमें सुधार होगा तो वह धीरे धीरे होगा.

आईएमएफ़ ने इसके दो प्रमुख कारण बताए हैं. एक तो ये कि इस बार एक भारी वित्तीय संकट खड़ा हो गया है जो अमरीका से शुरु हुआ, जहाँ वित्तीय संस्थाएं ग़ैर ज़िम्मेदाराना ढंग से उधार दे रही थीं.

और दूसरा कारण ये कि दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक साथ गिरावट आई है.

आईएमएफ़ का कहना है कि ऐसी मंदी जो वित्तीय संकट से जुड़ी हो, उससे निकल पाना बड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ऐसे माहौल में मांग की कमी हो जाती है.

इसके अलावा चूंकि दुनिया की इतनी सारी अर्थव्यवस्थाएं एक साथ बिगड़ी हैं इसलिए उनका उबरना उतना आसान नहीं है.

उल्लेखनीय है कि अभी कुछ समय पहले अमरीका के एक बड़े बैंक जेपी मॉर्गन ने कहा था कि उसे अपेक्षा से अधिक मुनाफ़ा हुआ है और वह अमरीकी सरकार की वित्तीय मदद को लौटाना चाहता है.

लेकिन आईएमएफ़ की रिपोर्ट कुछ उल्टे ही संकेत दे रही है.

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