जगुआर और लैंड रोवर भारत में

जगुआर
Image caption पहले लखटकिया नैनो और फिर जगुआर और लैंड रोवर की वजह से टाटा ख़बरों में रही.

ब्रिटेन की शानदार ऑटो ब्राँड जगुआर और लैंड रोवर का अधिग्रहण करने वाली टाटा मोटर्स ने अब इन्हें भारत में लाँच किया है.

हालांकि भारत में इसे लांच करने वाली कंपनी टाटा मोटर्स को इस वित्तीय वर्ष में इस अधिग्रहण के कारण ढाई हज़ार करोड़ रूपयों के नुक़सान का सामना करना पड़ा है. भारत में टाटा ने जगुआर की एक्सएफ़ और एक्सकेआर सीरीज़ की क़ीमत 63 लाख से 92 लाख के बीच रखी है. लैंड रोवर की डिस्कवरी और रेंज रोवर की क़ीमत 63 लाख से 89 लाख के बीच होगी. इन ब्रांड्स के लाँच के समय पर टाटा समुह के प्रमुख रतन टाटा ने पत्रकारों से कहा, “ये टाटा के इतिहास और विरासत का एक महत्वपूर्ण दिन है. एक समय जेएलआर भारत में स्थापित थी और लोगों की पसंद थी लेकिन पिछले कई सालों से इसका भारत से नाता टूट गया था.”

देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने 2008 में जेएलआर का अधिग्रहण किया था. लेकिन इस सौदे के बाद टाटा मोटर्स को 2008-09 में तक़रीबन 2500 करोड़ के शुद्ध घाटे का नुक़सान उठाना पड़ा है.

कम बिक्री

जगुआर और लैंड रोवर के कारण टाटा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. पूर्व में टाटा मोटर्स ने माना था कि जेएलआर के अधिग्रहण का समय ठीक नहीं था. जेएलआर की आगामी योजना पर बताते हुए जगुआर के प्रबंध निदेशक माईक ड्रिसकॉल ने कहा, “हम सही समय पर अपने ब्राँड की तरफ़ लोगों की प्रतिक्रिया का आँकलन करेंगे. अभी ये भी तय किया जाना बाक़ी है ब्राँड का देश के और किन शहरों में विस्तार किया जाएगा.” लैंड रोवर के प्रबंध निदेशक फ़िल पोफ़ेम से ये पूछा गया कि कंपनी कितनी कार बेचने के प्रति आशांवित है तो उन्होंने कहा, “ये विश्वस्तरीय और महँगा ब्रांड हैं तो हम अपेक्षाकृत संख्या कम ही रहेगी. लेकिन हमारी चुनौती इन ब्राँड्स को भारत में स्थापित करना है.”

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